चिंताजनक! गंगा से गायब हो रहीं मछलियां
गंगा में झींगा, शंकर, हिलसा, मिरका या मृगाल आदि बहुत ज्यादा तादाद देखने को मिलते थे। मगर, अब यह मछलियां दिखती ही नहीं हैं। पहले समंदर से मछलियां गंगा में आती थीं। अब समुद्री मछली गंगा में नहीं आ पाती हैं, जिसके कारण झींगा मछली की प्रजाति विलुप्त हो गई। गंगा से मछलियां गायब हो रही हैं, इसका सीधा असर एक बड़ी जनसंख्या की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है।

सेल्फी और वीडियो बना रहे लोग
हालांकि,सरकार गंगा नदी से विलुप्त हुई मछलियों को नमामि गंगे मिशन के जरिए संरक्षित कर रही है। विलुप्त हुई मछलियों को केमिकल के जरिए संरक्षित किया गया। इन पर अध्ययन और शोध भी किया जा रहा है। इन मछलियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। वहीं दूर-दूर से लोग इन्हें देखने के लिए भी पहुंच रहे हैं। इन मछलियों के साथ सेल्फी ले रहे हैं और उनका वीडियो बना रहे हैं। हालांकि प्रिजर्व की गई मछलियां मरने की हालत में हैं।
क्या कहे अधिकारी?
एक अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनी में देखी जाने वाली मछलियां केवल और केवल गंगा में पाई जाती हैं। हालांकि। गंगा से विलुप्त हुई कुछ मछलियां भी हैं। इन मछलियों पर शोध और अध्ययन किया जा रहा है। इनके बारे में पता लगाने की प्रयास हो रही है। हिमाचल की खास मछलियां भी उपस्थित हैं।
एक खास जार में बंद
मछलियों को एक खास जार में रखा गया है। हालांकि, बोला जाता है कि मछली जल की रानी है, जल ही उसका जीवन है। मगर यहां इन्हें पानी नसीब नहीं है। इन्हें केमिकल के जरिए जिंदा रखा गया है। इस जार में इन मछलियों का जीवन दो से ढाई वर्ष है।

