Food Street: यूपी में यहाँ पर मिलते हैं सबसे चटाकेदार गोलगप्पे, मेले में जमकर होती है बिक्री
Food Streets: यूपी के कौशांबी जिले के कड़ा कुबरी घाट पर जालौन के रहने वाले मंजुल कुशवाहा ने पानी पुड़ी के ठेले पर ऐसी शायरी लिखी है कि लोग पढ़कर वाह-वाह करने लगते हैं. “खुशी पानी पुडी सेंटर” के नाम से प्रसिद्ध इस ठेले पर लिखी शायरी कुछ इस प्रकार है: “कभी हम भी रहीस थे जो दिल की दुनिया लुटा बैठे, किस्मत का साथ नहीं था तो पानी पुडी का ठेला लगा बैठे.” इस शायरी को पढ़कर लोगों का पानी पुड़ी खाने का मन जरूर करता है.

पढ़ाई के साथ पानी पुड़ी का ठेला लगाते
मंजुल कुशवाहा की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह पढ़ाई के साथ पानी पुड़ी का ठेला लगाते हैं. वे पिछले 3 वर्ष से कड़ा के कुबरी घाट पर ठेला लगा रहे हैं. इस वर्ष 2025 में हाईस्कूल की परीक्षा देने के बाद, विद्यालय की छुट्टी होते ही वे कौशांबी जिले में आकर पानी पुड़ी का ठेला लगाते हैं. उनकी बिक्री भी अच्छी होती है, जिससे उन्हें प्रत्येक दिन 1000-1500 रुपये की आय होती है. मेले में उनकी इनकम और भी बढ़ जाती है, जिससे उनका परिवार भी चल जाता है.
ठेले पर शायरी लिखवाई
मेरा नाम मंजुल कुशवाहा है. मैं जालौन जिले का रहने वाला हूं. कौशाम्बी के कड़ा धाम में मैं तीन वर्ष से पानी पुडी का ठेला लगा रहा हूं. मेरे घर की आर्थिक स्थिति कमजोर है, इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ पानी पुडी का ठेला भी लगाता हूं. इस वर्ष मैंने हाई विद्यालय की परीक्षा दी और फिर कौशाम्बी आ गया. जब विद्यालय की छुट्टियां होती हैं, तो मैं पानी पुडी का ठेला लगाता हूं. खाली समय में मैं घूमता नहीं हूं. पानी पुडी के ठेले पर शायरी लिखने की वजह मंजिल कुशवाहा ने बताई. नयी जनरेशन को ध्यान में रखते हुए हमने ठेले पर शायरी लिखवाई है. लोग इसे पढ़कर आकर्षित होते हैं और हमारे ठेले पर पुडी खाने जरूर आते हैं. इनकम की बात करें तो रोजाना 1000-1500 रुपये हो जाते हैं.

