गजनवी के भतीजे पर जमकर बरसे योगी, Neja Fair पर लग गई रोक
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ गवर्नमेंट के प्रयासों से संभल का सच तो सामने आ ही रहा है साथ ही संभल में विदेशी आक्रांताओं की याद में लगने वाला मेला भी अबसे नहीं लगा करेगा. हम आपको बता दें कि संभल में हर वर्ष मसूद गाजी की याद में मेला लगता था जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम भाग लिया करते थे. मसूद गाजी वही आक्रांता है जिसने सोमनाथ मंदिर को लूटा था. संभल जिले में प्रशासन और पुलिस ने महमूद गजनवी के भांजे और सैन्य कमांडर सैयद सालार मसूद गाजी की याद में वार्षिक ‘नेजा मेले’ के आयोजन को अनुमति देने से मना कर दिया है जिसको लेकर राज्य की राजनीति गर्मा गयी है. अखिलेश यादव तो योगी गवर्नमेंट के इस फैसला से बौखला गये हैं लेकिन प्रशासन अपने निर्णय पर अडिग है.

हम आपको बता दें कि संभल पुलिस ने ‘नेजा मेला’ समिति से साफ किया है कि ‘देश को लूटने वाले’ आदमी की याद में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी. पुलिस ने मेले के आयोजन को देशद्रोह कहा है. हम आपको बता दें कि ‘नेजा मेला’ कमेटी के सदस्य सोमवार को कोतवाली में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीश चंद्र से मिले, जहां अधिकारी ने साफ शब्दों में सालार मसूद गाजी के नाम पर मेले के आयोजन को अनुमति देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कमेटी के लोगों से साफ किया कि इतिहास गवाह है वह (मसूद गाजी) महमूद गजनवी का सेनापति था, जिसने सोमनाथ को लूटा और कत्लेआम किया. अधिकारी ने कहा कि किसी बदमाश की याद में किसी भी तरह का मेले का आयोजन नहीं होगा.
वहीं नगर ‘नेजा मेला’ कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूरी ने पत्रकारों से बोला कि यहां पर सैंकड़ों साल से मेले का आयोजन किया जाता है लेकिन इस साल पुलिस ऑफिसरों ने यह कहते हुए अनुमति देने से मना कर दिया कि सालार मसूद गाजी आक्रांता थे और उनकी याद में मेले का आयोजन नहीं होगा. शाहिद हुसैन ने बोला कि हम वरिष्ठ ऑफिसरों से मिलेंगे और उनसे बात करेंगे. इस बीच, सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी गवर्नमेंट के निर्णय पर प्रश्न उठाते हुए बोला है कि यह गवर्नमेंट आपसी भाईचारे को समाप्त करना चाहती है.

