उत्तर प्रदेश

हाथरस हादसा : एक्शन में आ गए सीएम योगी, दिए न्यायिक जांच के आदेश

हाथरस. यूपी के हाथरस में भोले बाबा के सत्संग में हिस्सा लेने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 121लोगों की मृत्यु हो गई. इस मुद्दे में अब मुख्यमंत्री योगी एक्शन में आ गए हैं. मुख्यमंत्री ने पूरी घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए है.

Download 2024 07 03t150319. 600 11zon

WhatsApp Group Join Now

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के हादसे पर बोला इस कार्यक्रम में जो सज्जन अपना उपदेश देने आए थे उनकी कथा संपन्न होने के बाद, उनके मंच से उतरने के पर, उन्हें छूने के लिए स्त्रियों का एक दल आगे बढ़ा तभी उनके पीछे एक भीड़ गई. इसी दौरान वे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ते गए. सेवादार भी लोगों को धक्का देते रहे जिसके कारण यह दुर्घटना हुआ… इस पूरी घटनाक्रम के लिए ADG आगरा की अध्यक्षता में एक SIT गठित की गई है जिसने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है. कई पहलू हैं जिनपर जांच होना जरूरी है.

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस भगदड़ पर कहा, “कुछ लोगों की प्रवृति होती है कि इस प्रकार की दुखद घटनाओं पर वे राजनीति ढूंढते हैं. ऐसे लोगों की फितरत है, चोरी भी और सीना जोरी भी. यह हर आदमी जानता है कि उन सज्जन की फोटो किसके साथ है और उनके सियासी संबंध किनके साथ जुड़े हुए हैं. आपने देखा होगा कि पिछले दिनों रैलियों के दौरान इस प्रकार की भगदड़ कहां मचती थी और कौन इसके पीछे था.

कौन हैं भोले बाबा-:

बाबा का मूल नाम नारायण साकार हरि है और वे एटा ज़िले से अलग हुए कासगंज ज़िले के पटियाली के बहादुरपुर गांव के निवासी हैं. यूपी पुलिस की जॉब के शुरुआती दिनों में वे क्षेत्रीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) में तैनात रहे. क़रीब 28 वर्ष पहले उन्हें छेड़खानी के एक मुद्दे में अभियुक्त होने के कारण निलंबन की सज़ा मिली. तब सूरजपाल जाटव को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था. पुलिस अधिकारी बताते हैं कि छेड़खानी वाले मुद्दे में सूरजपाल एटा कारावास में काफ़ी लंबे समय तक क़ैद रहे और कारावास से रिहाई के बाद ही सूरजपाल बाबा की शक्ल में लोगों के सामने आए.

पुलिस सेवा से बर्खास्त होने के बाद सूरजपाल न्यायालय की शरण में गए फिर उनकी जॉब बहाल हो गई लेकिन 2002 में आगरा ज़िले से सूरजपाल ने वीआरएस ले लिया. पुलिस सेवा से मुक्ति के बाद सूरजपाल जाटव अपने गांव नगला बहादुरपुर पहुँचे, जहाँ कुछ दिन रुकने के बाद उन्होंने ईश्वर से संवाद होने का दावा किया और ख़ुद को भोले बाबा के तौर पर स्थापित करने की दिशा में काम प्रारम्भ किया. कुछ वर्षों के अंदर ही उनके भक्त उन्हें कई नामों से बुलाने लगे और इनके बड़े-बड़े आयोजन प्रारम्भ हो गए, जिनमें हज़ारों लोग शरीक होने लगे.

सूरजपाल उर्फ भोले बाबा तीन भाई हैं-:

इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के अनुसार 75 वर्ष के सूरजपाल उर्फ़ भोले बाबा तीन भाई हैं. सबसे बड़े सूरजपाल है, दूसरे नंबर पर ईश्वर दास हैं, जिनका मृत्यु हो चुका है जबकि तीसरे नंबर पर राकेश कुमार हैं, जो पूर्व में ग्राम प्रधान भी रह चुके हैं.

बहरहाल पुलिस ने आयोजकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी स्वयं इस मुद्दे की मॉनिटिरंग कर रहे हैं. एफआईआर में बाबा का नाम नहीं है. बाबा कहां है…इस बारे में दो बातें सामने आ रही है. पहली यह है को पुलिस ने किसी आश्रम में रखा है, कहा यह जा रहा है कि मुद्दा शांत होने पर पुलिस उनकी गिरफ्तारी बता सकती है. दूसरी ओर बाबा के फरार होने और मोबाइल बंद होने की जानकारी सामने आई है. आगे जो भी हो इस घटना से पूरा राष्ट्र स्तब्ध है.

ये भी पढ़ें – अपने राज्य / शहर की समाचार अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

<!– और पढ़े…–>

Web Title-Hathras accident: सीएम Yogi in action, ordered judicial investigation of the incident, 121 dead so far

Back to top button