Hathras Stampede: चलो मिले तो कम से कम! यूपी के इस आश्रम में मौजूद हैं भोले बाबा
Hathras Stampede: यूपी के हाथरस में हुए भयावह हादसे के बाद लागतार इस मुद्दे में अपडेट्स सामने आ रहे हैं। इस हादसे में अब तक 121 लोगों के मारे जाने की समाचार है। जबकि 28 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। बता दें कि नारायण गवर्नमेंट हरि या भोले बाबा के सत्संग के दौरान अचानक भगदड़ मचने के बाद यह दुर्घटना हुआ। मरने वाले श्रद्धालुओं में ज्यादातर महिलाएं बताई जा रही हैं। हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों की चीख पूरे राष्ट्र में सुनाई दे रही हैं। इस हादसे को लेकर कई प्रश्न भी उठने लगे हैं। ये प्रश्न प्रशासन से लेकर भोले बाबा पर भी उठ रहे हैं। यही नहीं जिनके सत्संग में इतना बड़ा दुर्घटना हुआ अब तक उस भोले बाबा की ओर से कोई प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। हर किसी जहन में यह प्रश्न है कि आखिर भोले बाबा हैं कहां। सत्संग करने वाले बाबा के ठिकाने को लेकर एक समाचार सामने आई है।

कहां हैं भोले बाबा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भोले बाबा की लोकेशन पता चल गई है। हादसे के बाद से ही हर किसी को इनका प्रतीक्षा है कि आखिर भोले बाबा हैं कहां। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में ये खुलासा हुआ है कि भोले बाबा यूपी में ही हैं। कहा जा रहा है कि वह मैनपुरी के एक आश्रम में ठहरे हुए हैं।
नारायण साकार विश्वहरी के नाम से पहचाने जाने वाले भोले बाबा मैनपुरी में स्थित रामकुटीर चैरिटेबल ट्रस्ट में ही उपस्थित हैं। हालांकि अब तक उनके यहां रुके होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन मंगलवार को हुए हादसे के बाद से ही भोले बाबा की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही है। इस मुद्दे में भोले बाबा से भी पूछताछ होना है।
हादसे के बाद प्रशासन सख्त
हादसे के बाद से ही इस मुद्दे को लेकर स्वयं सीएम योगी आदित्यनाथ कठोर नजर आ रहे हैं। उन्होंने मंत्रियों से लेकर डीजीपी तक हर किसी को घटना स्थल पर पहुंचा दिया है। कहा जा रहा है कि सत्संग समाप्त होते ही लोग भोले बाबा के चरण छूने के लिए भागने लगे।
इसी बीच अचानक भगदड़ मच गई जो भयावह हादसे में तब्दिल हो गई। इस हादसे को लेकर एक और बात सामने आई है इसमें बोला गया जा रहा है कि सत्संग स्थल पर गर्मी से निपटने के व्यवस्था नहीं थे।
सिर्फ 40 पुलिसवालों के भरोसे हजारों की भीड़ को संभालने का जिम्मा था। उमस और गर्मी की वजह से लोग बैचेन हो रहे थे, ऐसे में गर्मी से बचने के लिए लोग निकलकर भागने लगे और इस बीच भगदड़ मच गई और कई लोग इस भगदड़ का शिकार हो गए।

