यौन शोषण मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई आज

अभियोजन पक्ष के 2 गवाहों के बयान दर्ज
पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए न्यायालय ने समन भेजा है. पीड़िता इससे पहले चार बार- 3 मार्च, 4 फरवरी, 22 फरवरी और 9 जनवरी को बयान के लिए नहीं पहुंची थी. बृजभूषण पर इल्जाम तय होने के बाद से ट्रायल चल रहा है. अब तक अभियोजन पक्ष के सिर्फ़ 2 गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं.
वहीं बृजभूषण ने निचली न्यायालय की कार्रवाई को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है. पहली बार न्यायालय ने 27 जनवरी को पीड़िता को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था.
लेकिन स्त्री पहलवानों की खराब तबीयत के कारण बयान नहीं हो पाए थे. पूर्व सांसद ने न्यायालय में लंबी तारीख की मांग की थी. जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था. 26 जुलाई को अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने बयान दर्ज कराया था. दूसरा गवाह न्यायालय में मौजूद नहीं हो पाया था. एडिशनल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत इस मुद्दे की लगातार सुनवाई कर रही हैं.
नाबालिग पहलवान ने वापस ले लिए थे आरोप
मई 2023 में उच्चतम न्यायालय के दखल के बाद पुलिस ने भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की थी. छह खिलाड़ियों ने बृजभूषण शरण सिंह के विरुद्ध कथित यौन उत्पीड़न का इल्जाम लगाकर कम्पलेन दर्ज कराई थी. जून में राउज एवेन्यू न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई थी. एक नाबालिग पहलवान ने बाद में अपनी कम्पलेन वापस लेकर बयान बदल दिया. इल्जाम तय करने पर सुनवाई के दौरान बृजभूषण सिंह ने बोला था कि मुद्दा झूठा और प्रेरित है. सिर्फ़ कुश्ती संघ पर कब्जा करने के लिए इन लोगों ने गलत ढंग से इल्जाम लगाया था.
संभल अत्याचार के 4 महीने बाद जामा मस्जिद के सदर जफर अली को पुलिस ने अरैस्ट कर लिया. रविवार रात साढ़े 9 बजे मुरादाबाद कारावास भेज दिया गया. जीप से उतरते ही जफर ने कहा- अत्याचार के बाद मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसलिए मुझे कारावास भेजा गया.
जफर अली ने चिल्लाकर कहा- मुझे फंसाया गया, क्योंकि मैंने पुलिस वालों की पोल खोल दी थी. मैंने बता दिया था कि बच्चों को इन्होंने मारा है. अत्याचार में जितने भी लोग मारे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन ने मारा है.

