हरिद्वार व रामेश्वरम के लिए बसों से सैकड़ों श्रद्धालु हुए रवाना
लखीमपुर-खीरी में मंगलवार को करीब एक दर्जन बसों से भादौं महीने की अमावस्या पर गंगा स्नान के साथ कजरी तीज को बाबा धाम होते हुए रामेश्वरम में ईश्वर भोले के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रवाना हुए। श्रद्धालुओं का जत्था बोल बम के जयघोष के साथ हरिद्वार होते हुए बैजनाथ धाम और रामेश्वरम के लिए रवाना हुआ। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु निजी बसों से ईश्वर शिव का जयघोष करते हुए यात्रा पर निकल गए। इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखाई पड़ा।
गांवों से करीब 1000 शिव भक्तों का जत्था हुआ रवाना
ईसानगर क्षेत्र में सावन का महीना बीतने के बाद भी भक्तों पर ईश्वर शिव की भक्ति का खुमार अभी भी छाया हुआ है। क्षेत्रीय शिवालयों में भक्तों द्वारा जलाभिषेक किया। साथ ही सुदूर के मशहूर शिव मंदिरों में भी श्रद्धालु जलाभिषेक करने जा रहे हैं। इसी क्रम क्षेत्र के गांव मंगलवार को खमरिया, लाखुन, तमोलीपुर, अल्लीपुर, मटेरिया, लालपुर, परसिया, बेहटा, बसढिया, फ़त्तेपुर, समैसा समेत अन्य गांवों से करीब 1000 शिव भक्तों का जत्था भादौं महीने की अमावस्या पर हरिद्वार में गंगा स्नान करने के बाद वहां से गंगाजल लेकर बाबा धाम होते हुए रामेश्वरम समेत गंगा सागर तक ईश्वर शिव के दर्शन करने के लिए रवाना हुए। इस लंबी यात्रा पर निकले श्रद्धालु भादौं की अमावस्या को हरिद्वार में गंगा स्नान कर पहले ईश्वर नीलकंठ के दर्शन कर जलाभिषेक करेंगे। उसके बाद नैमिषारण्य होते हुए बनारस काशी, बाबा बैजनाथ, मल्लिकार्जुन समेत रामेश्वरम में ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर जलाभिषेक करेंगे।
श्रद्धालु खाने पीने की पूरी तैयारी के साथ निकले
वहीं कुछ यात्री रामेश्वरम के साथ-साथ गंगासागर तक कि यात्रा कर अयोध्या में ईश्वर श्रीराम के दर्शन कर घर वापसी करेंगे। इस दौरान यह यात्रा 8 से 25 दिनों की होगी। जिसको लेकर श्रद्धालु खाने पीने की पूरी तैयारी के साथ निकले। जिसमें कुछ परिवार के साथ रवाना हुए। जिनको बसों में चढ़ने से पहले घर परिवार और गांव लोग खुशी से छोड़ने भी आये।
इस मामले में श्रद्धालु करुणा शंकर चौरसिया, गोबरे लाल, शंकर लाल, राजू सिंह, मोहित, विनोद, सरोज आदि ने कहा कि सभी बसें क्षेत्रीय एजेंटों के माध्यम से बुक करवाई गई है। क्षेत्र से प्रतिवर्ष भादौं महीने में अमावस्या से पहले हजारों की संख्या में शिव भक्त इस लंबी यात्रा पर निकलते है। जिसमें कुछ बसें हरिद्वार से ही वापस होगी। बाकी अन्य रामेश्वरम और उड़ीसा, तिरुपति आदि अन्य प्रांतों में स्थित ईश्वर के मशहूर मंदिरों तक कि यात्रा कर दर्शन करवाती है।

