आईआईटी कानपुर ने इस स्टिल्थ सिस्टम को दिया अनालक्ष्य नाम
IIT Kanpur के रिसर्चर्स ने ऐसी टेक्नोलॉजी डेवलप की है, जिसकी वजह से इंडियन आर्मी के जवान शत्रु की रडार के लिए ‘मिस्टर इंडिया’ बन जाएंगे. यह टेक्नोलॉजी 80 के दशक में आई अनिल कपूर की फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ की तरह ही कुछ भी गायब कर सकता है. 
MSCS टेक्नोलॉजी
IIT कानपुर ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा कि अनलक्ष्य एक ग्राउंडब्रेकिंग स्टील्थ मेथमैटेरियल सरफेस क्लॉकिंग सिस्टम (MSCS) टेक्नोलॉजी है, जिसे इस तरह से डिजाइन किया गया है, जो किसी भी ऑब्जेक्ट को लगभग इनविजिबल कर देते हैं. जिसकी वजह से कोई भी रडार इनके बारे में पता नहीं लगा सकते हैं. यह स्टील्थ टेक्नोलॉजी डिफेंश और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काफी उपयोगी होने वाली है.
दुश्मन के रडार को करेगी निष्क्रिय
आईआईटी कानपुर की टीम के रिसर्चर्स और विद्यार्थियों ने इस स्वदेशी टेक्नोलॉजी को डेवलप किया है. यह एक टेक्स्टाइल बेस्ड ब्रॉडबैंड मेथमैटेरियल माइक्रोवेव ऑब्जर्बर है. इसमें एक यूनीक क्षमता है, जो रडार की तरंगों को एब्जॉर्ब करके वाइड स्पेक्ट्रम में फैला देती है. यह सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) अपर्चर को निष्क्रिय कर देती है. यह टेक्नोलॉजी खास तौर पर रडार द्वारा नियंत्रित की गई मिसाइल से छिपने के लिए इंडियन आर्मी की सहायता करेगी.
स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल
इस स्वदेशी टेक्नोलॉजी में इस्तेमाल की जाने वाली मटीरियल में से 90 फीसदी हिंदुस्तान में ही तैयार किए गए हैं. आईआईटी कानपुर की रिसर्च टीम ने 2019 से लेकर 2024 के बीच इस टेक्नोलॉजी को भिन्न-भिन्न ऑपरेशनल कंडीशन में टेस्ट किया है. इस टेक्नोलॉजी का लाइसेंस मेटा तत्व सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को मिला है, जो इसके मैन्युफेक्चरिंग का काम करेगी, ताकि आगे चलकर इंडियन आर्मी को इसे दिया जा सके. यह टेक्नोलॉजी मॉडर्न जमाने के युद्ध के दौरान इंडियन आर्मी को शत्रु के रडार से बचाने में सहायता करेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह काफी उपयोगी होगी.

