आईआईटी कानपुर ने तैयार किया SATHEE पोर्टल
वैसे स्टूडेंट्स जो 12वीं बोर्ड दे चुके हैं या देने वाले हैं। मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित दूसरी प्रतियोगिता परीक्षा देना चाहते हैं पर पैसे के अभाव में ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें अब निश्चिंत हो जाने की आवश्यकता है। ऐसे बच्चे ‘SATHEE'( सेल्फ असेसमेंट टेस्ट एंड हेल्प फॉर एंट्रेंस एग्जाम) पोर्टल की सहायता से नि:शुल्क तैयारी कर सकेंगे। झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से इसकी विशेष तैयारी की गई है। इस पोर्टल को आईआईटी कानपुर की ओर से एआई तकनीक पर तैयार किया गया है। यह पूरी तरह से नि:शुल्क होगा।
बच्चे किन चीजों का ले सकेंगे लाभ
मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित दूसरी प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए इस प्लेटफॉर्म में अनेक तरह के कंटेंट दिए गए हैं। सभी कंटेंट को आईआईटी और एम्स के एक्सपर्ट ने डिजाइन किया है। यहां से बच्चे जेईई, मेडिकल समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के मार्गदर्शन ले सकेंगे। इस पोर्टल पर औनलाइन लाइव सेशंस, क्रैश कोर्स, सेल्फ असेसमेंट के लिए 60,000 से अधिक प्रश्नों का कलेक्शन पा सकेंगे। इसके अतिरिक्त यहां 720 से अधिक वीडियो लेक्चर्स भी हैं, जिनका फायदा ले सकते हैं। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी कई इ-स्टडी मैटेरियल्स भी प्राप्त कर सकते हैं।
आईआईटी कानपुर ने तैयार किया है प्लेटफार्म
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित इस लर्निंग प्लेटफार्म को आईआईटी कानपुर के एक्सपर्टस् ने तैयार किया है। इस प्लेटफार्म पर विद्यार्थियों को आईआईटी, एम्स समेत अन्य विषय जानकारों द्वारा लाइव सेशंस, वीडियो कंटेंट एवं प्रश्नपत्र मिलते हैं। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और गणित जैसे विषयों से संबंधित 720 से अधिक वीडियो लेक्चर एनसीईआरटी के नए सिलेबस के मुताबिक मिलते हैं। इतना ही नहीं यहां साप्ताहिक मॉक टेस्ट भी होता है। वेबिनार के माध्यम से विद्यार्थियों के तनाव को दूर करना एवं उनके प्रश्नों का उत्तर भी इस प्लेटफार्म पर दिया जाता है।
इंजीनियरिंग परीक्षा के लिए 45 दिन का क्रैश कोर्स
इस पोर्टल पर विद्यार्थी जेईई और अन्य इंजीनियरिंग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए आईआईटी टॉपर्स, शिक्षाविदों और विषय जानकारों द्वारा तैयार किये गए जेईई के 45 दिनों के क्रैशकोर्स का लाभ ले सकते हैं। यह क्रैश कोर्स अंग्रेजी समेत 5 भाषाओं में मौजूद है। इसके लिए एआईसीटीई ने एआई आधारित ट्रांसलेशन इक्विपमेंट विकसित किया है। यह टूल 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है।