उत्तर प्रदेश

ट्रैफिक सुविधा में सुधार से यात्रा होगी आसान और तेज, बढ़ाई गई हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर की लंबाई

गाजियाबाद: यूपी के हापुड़ जिले से दिल्ली आने वाले लोगों को अब जाम से मुक्ति मिलने वाली है क्योंकि दिल्ली से हापुड़ जाने वाली सड़क पर पहले से पास फ्लाईओवर की लंबाई बढ़ा दी गई है यानी की पहले जो फोर लेन फ्लाई ओवर 800 मीटर का बनने वाला था, वो अब 1200 मीटर का बनेगा इसकी जानकारी यूपी राज्य सेतु निगम के ऑफिसरों ने बुधवार को दी प्राप्त जानकारी के अनुसार फोर लेन वाले यह फ्लाईओवर पहले इंग्राहम विद्यालय चौराहे तक के लिए ही पास था लेकिन बढ़ते ट्रैफिक के चैलेंज को कम करने के लिए यह परिवर्तन किया गया है

Images 18 11

WhatsApp Group Join Now

पहले 40 करोड़ था पास, फिर हुआ 100 करोड़
इस प्रोजेक्ट को लेकर जानकारी देते हुए सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रजनीश यादव ने कहा, ‘इसी कारण हमने फ्लाईओवर की लंबाई को लगभग 1200 मीटर तक बढ़ाने का निर्णय किया है फ्लाईओवर का स्टार्टिंग प्वाइंट अब डीएम ऑफिस के बाहर होगा और यह हापुड़ चुंगी चौराहे से लगभग 450 मीटर आगे तक जाएगावर्ष 2016 में इस परियोजना का अनुमानित लागत करीब 40 करोड़ रुपये थी, जिसे पास किया गया था लेकिन बाद में 800 मीटर फ्लाईओवर के लिए 100 करोड़ रुपये तक इसका बजट कर दिया गया था

25 से 35 करोड़ की बढ़ेगी लागत
अब वैसे इस पुल की लंबाई बढ़ जाने से इस फ्लाईओवर की लागत में 25 से 35 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी यादव ने कहा, “लागत वृद्धि का अनुमान तैयार किया जा रहा है फ्लाईओवर का काम तब प्रारम्भ होगा जब इसे राज्य गवर्नमेंट से आखिरी स्वीकृति मिल जाएगी परियोजना को खर्च लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) वहन करेगा फ्लाईओवर और आसपास की सर्विस लेन पर ट्रैफिक संचालन के लिए एक उचित योजना भी तैयार की जाएगी

कई जरूरी जगहों को जोड़ता है हापुड़ चुंगी चौराहा
हापुड़ चुंगी चौराहा दिल्ली से राष्ट्रीय राजमार्ग 9 (एनएच-9) और दिल्ली-मेरठ रोड को जोड़ने वाला एक जरूरी लिंक रोड है यह गाजियाबाद के राज नगर, शास्त्री नगर, संजय नगर और कवि नगर जैसे क्षेत्रों को भी जोड़ता है
इस क्षेत्र में प्रमुख केंद्रीय सरकारी विभाग भी हैं, जिनमें जिला पुलिस मुख्यालय, गाजियाबाद न्यायालय परिसर, जिला मुख्यालय और राज नगर जिला केंद्र शामिल हैं लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता राम राजा ने बोला कि रकम पीडब्ल्यूडी द्वारा प्रदान की जाएगी और इसकी स्वीकृति राज्य गवर्नमेंट द्वारा दी जाएगी

Back to top button