अयोध्या में इस आशंका के चलते जांचे जाएंगे स्मार्ट मीटर, 4 लाख घरों में लगेंगे…
अयोध्या में स्मार्ट प्रीपेड मीटर और पुराने बिजली मीटरों की रीडिंग में हल्की अंतर सामने आने के बाद बिजली विभाग ने इसकी जांच के लिए व्यापक कदम उठाए हैं. कंज़्यूमरों की शंकाओं को दूर करने के लिए 5 फीसदी कंज़्यूमरों के परिसरों में चेक मीटर लगाए जा रहे हैं. बिजली निगम के मुख्य अभियंता अशोक चौरसिया ने कहा कि चेक मीटरों के माध्यम से ऊर्जा खपत का मिलान किया जा रहा है ताकि स्मार्ट मीटरों की सटीकता सुनिश्चित की जा सके.

जिले में कुल 4,11,873 बिजली कंज़्यूमरों के घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है. इस कार्य को जयपुर की पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग कंपनी द्वारा किया जा रहा है. अब तक 40,082 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं. यह परियोजना यूपी पावर कॉरपोरेशन की पारदर्शी और आधुनिक बिजली आपूर्ति प्रबंध सुनिश्चित करने की दिशा में एक जरूरी कदम है.
उपभोक्ताओं की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, बिजली विभाग ने कई स्थानों पर पुराने मीटरों को चेक मीटर के रूप में रखा है. तकनीकी टीम के साथ अधिकारी घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग का सत्यापन कर रहे हैं. इस प्रक्रिया से कंज़्यूमरों का भरोसा बढ़ाने और स्मार्ट मीटरों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का कोशिश किया जा रहा है.
रामपथ स्थित सहादतगंज के निवासी विनोद कुमार के घर में स्मार्ट मीटर की रीडिंग 4,671 यूनिट और चेक मीटर की रीडिंग 4,674 यूनिट दर्ज की गई, जिसमें मात्र 0.06 फीसदी का अंतर पाया गया. इसी तरह, उसी क्षेत्र की गीता देवी के घर में स्मार्ट मीटर में 942 यूनिट और पुराने चेक मीटर में 939 यूनिट की रीडिंग मिली, जिसमें 0.31 फीसदी का अंतर देखा गया. इन आंकड़ों से साफ है कि दोनों मीटरों की रीडिंग में अंतर नगण्य है, जो स्मार्ट मीटरों की सटीकता को दर्शाता है.
मुख्य अभियंता अशोक चौरसिया ने कहा कि स्मार्ट मीटरों की रीडिंग में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कम्पलेन को गंभीरता से लिया जा रहा है. चेक मीटर लगाने की प्रक्रिया से कंज़्यूमरों की शंकाओं का निवारण किया जा रहा है.

