ग्रेटर नोएडा में निक्की नाम की महिला को ससुराल वालों ने जलाया जिंदा
ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में दहेज मर्डर का दिल दहला देने वाला मुद्दा सामने आया है। निक्की नाम की स्त्री को ससुराल वालों ने जिंदा जला दिया। इस घटना का खुलासा उसके 5 वर्ष के बेटे ने किया। बच्चे ने कहा, “पापा ने पहले मां को थप्पड़ मारा, फिर कुछ डालकर लाइटर से आग लगा दी। मुझे भी थप्पड़ मारकर नीचे भेज दिया।”

घटना का भयावह मंजर
मृतका की जेठानी कंचन ने कहा कि वह बीमार थी और उसके हाथ में ड्रिप लगी थी। अचानक निक्की की चीख सुनकर बाहर आई तो देखा कि वह आग में जल रही थी। कंचन ने एक हाथ से वीडियो बनाया और दूसरे से आग बुझाने की प्रयास की। लपटों से घिरी निक्की सीढ़ियां उतरते हुए बाहर भागी, लेकिन गंभीर रूप से झुलस गई। पड़ोसियों की सहायता से उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
दहेज की मांग और हाथापाई का सिलसिला
निक्की की विवाह दिसंबर 2016 में विपिन भाटी से हुई थी। विवाह में गाड़ी और सामान देने के बावजूद ससुराल पक्ष लगातार ₹35 लाख की मांग कर रहा था। यहां तक कि परिवार ने एक बुलेट मोटरसाइकिल भी दे दी, लेकिन प्रताड़ना नहीं रुकी। इल्जाम है कि पति विपिन शराब का आदी था और अक्सर झगड़ा करता था।
घटना का दिन
कंचन का बोलना है कि बृहस्पतिवार (21 अगस्त) शाम को सास दया और देवर विपिन ने मिलकर वारदात की। सास ने ज्वलनशील पदार्थ दिया और विपिन ने निक्की पर डालकर आग लगा दी। निक्की ने जीवन की भीख मांगी, लेकिन किसी ने सहायता नहीं की। विरोध करने पर कंचन को भी पीटा गया।
मामले में कार्रवाई और गुस्सा
पुलिस ने पति विपिन, सास दया, जेठ रोहित और ससुर सतवीर को अरैस्ट कर लिया है। सोशल मीडिया पर पूरे दिन #JusticeForNikki ट्रेंड करता रहा। लोग फास्ट ट्रैक न्यायालय में सुनवाई और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
वहीं, सियासी दलों और नेताओं ने भी इस घटना की निंदा की। उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा- “ग्रेटर नोएडा से आया दहेज मर्डर का समाचार बहुत भयावह है। घोर निंदनीय है। दहेज लालच का दूसरा नाम है और नारी के साथ भेदभाव का सबसे वीभत्स रूप भी। इसकी जड़ में नारी को दोयम दर्जे का मानने की सामंती सोच एक्टिव होती है। इस सोच को बदलने के लिए गवर्नमेंट से लेकर समाज तक को अति एक्टिव होकर सकारात्मक वातावरण बनाना पड़ेगा। मर्डर करने वाले ऐसे लोगों ने स्वयं अपने लिए एक ऐसी सजा को चुना है जिसमें उनके साथ परिवार के बेगुनाह लोग भी सारा जीवन मानसिक सजा को भुगतने का दंश झेलेंगे।“
“घटना दिल दहला देने वाली है। निक्की की राख प्रश्न कर रही है कि क्या बेटियां अब भी दहेज की आग में जलती रहेंगी। मुद्दा केवल एक बेटी की मर्डर का नहीं बल्कि पूरे समाज के सामने चुनौती है। प्रदेश गवर्नमेंट से मांग है कि फास्ट ट्रैक न्यायालय से जल्द सजा दिलाई जाए।“– चंद्रशेखर आजाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष (आजाद समाज पार्टी)
“सोशल मीडिया पर लोग निक्की हत्याकांड पर दुख जता रहे हैं। क्राइम की निंदा होनी चाहिए लेकिन क्या दहेज जैसे सामाजिक अधर्म को जड़ से समाप्त करने की गंभीर पहल नहीं होनी चाहिए। क्यों नहीं लोग आगे आकर कहते कि हम न दहेज लेंगे और न देंगे।” – पंखुड़ी पाठक, कांग्रेस

