Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में सनातन धर्म को प्राप्त हुआ एक अलग औधा
Mahakumbh 2025 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को आगरा में दिवंगत संत योगी सिद्धनाथ जी के शंखाढाल एवं भंडारा कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। उन्होंने राजा की मंडी स्थित प्राचीन दरिया नाथ मंदिर में पूजा- अर्चना भी की। मुख्यमंत्री योगी ने यहां संतों की धर्म सभा को संबोधित भी किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने बोला कि महाकुंभ के बाद संतों का सबसे बड़ा जमावड़ा ब्रज की भूमि पर हो रहा है। महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता सभी ने देखी। यह संतों का आशीर्वाद था, उनका संकल्प था। पूरी राष्ट्र और दुनिया ने देखा कि 45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक लोग प्रयागराज पहुंचे थे। यह सनातन धर्म की ताकत है। उन्होंने बोला कि हम लोग कोशिश कर रहे हैं कि सनातन धर्म/ नाथ संप्रदाय का एक म्यूजियम बनाया जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरक्ष पीठाधीश्वर के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान पूरे राष्ट्र से आए 1000 से अधिक साधु- संत उपस्थित रहे।
अयोध्या में 500 सालों के बाद राम मंदिर का बनना संभव हुआ: मुख्यमंत्री योगी
सीएम योगी ने बोला कि अयोध्या में 500 सालों के बाद राम मंदिर का बनना संभव हुआ है, तो राष्ट्र के अन्य जगहों पर भी आसार बनी हैं। अयोध्या में राम मंदिर का बनना और महाकुंभ का आयोजन, दोनों संतों के संकल्प से पूरा हुआ। पहले माना जाता था कि महाकुंभ का आयोजन सिर्फ़ संतों का है। लेकिन, संतों ने पूरे रेट के साथ समाज को जोड़ने का काम किया तो देखते ही देखते 66 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का आंकड़ा पार कर गया। इनमें साधु- संत करीब 50 लाख थे।
सनातन का दौर अब दुनिया के अंदर बढ़ा: मुख्यमंत्री योगी
सीएम योगी ने बोला कि सनातन का दौर अब दुनिया के अंदर बढ़ा है। उन्होंने बोला कि संतों की साधना की सिद्धि है। उनके संकल्पों का मूर्तरूप है। महाकुंभ के अवसर पर पूरे राष्ट्र और दुनिया ने देखा है। 45 दिनों में 66 करोड़ों से अधिक संत और श्रद्धालुजन प्रयागराज आए। इतना बड़ा समागम दुनिया के अंदर कहीं नहीं हुआ। ये ताकत केवल सनातन धर्म में ही है। हिंदुस्तान की संयुक्त परंपरा के प्रमुख पंत के रूप में नाथपंती का जरूरी जगह है। संतो को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने बोला कि संतों को संसार के उत्कर्ष के लिए कार्य करना होगा। विरासत और विकास को जोड़ने की एक सेतु के रूप में संत को आगे बढ़ना चाहिए, जो समाज को जोड़ सके, उसके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।
सनातन सुरक्षित रहेगा, तो ही राष्ट्र सुरक्षित रहेगा: योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ ने बोला कि सनातन सुरक्षित रहेगा, तो ही राष्ट्र सुरक्षित रहेगा। उन्होंने साधु संतों से अपील की है कि आप किसी भी पंथ और संप्रदाय से जुड़े हुए हों, लेकिन देश और समाज निर्माण के लिए ही कार्य करना चाहिए। उन्होंने साधु- संतों से मोबाइल का इस्तेमाल कम करने की भी सीख दी। मुख्यमंत्री ने बोला कि मोबाइल पर जो आपको दिखता है या सुनते हैं, वह महत्वपूर्ण नहीं सच हो। ऐसे में साधु संतों को साधना में लीन होकर के समाज को एक करने के लिए कार्य करना चाहिए।
उन्होंने बोला कि जो आप अपने साधन से अर्जित करेंगे। जो लोक कल्याण का माध्यम आपको बना सके। जिसमें जनता जनार्दन का अपार श्रद्धा और सम्मान आपको प्राप्त हो। जो कुछ भी आपके पास है लोक कल्याण के लिए समर्पित करिए। देश कल्याण के लिए समर्पित करिए और याद रखना हम सभी संतों को इस बात का स्मरण रखना होगा हमारा पंथ कोई भी हो, संप्रदाय हो भी कोई भी हो, मठ हो कोई भी उपासना विधि हो वह तब ही सुरक्षित है जब सनातन धर्म सुरक्षित है। जो कुछ भी हो सनातन धर्म के लिए सरेंडर का रेट हो। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सब कुछ समर्पित करना होगा। उन्होंने बोला कि हम लोग कोशिश कर रहे हैं कि सनातन धर्म/ नाथ संप्रदाय का एक म्यूजियम बनाया जाए। अपने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले योगी सिद्धनाथ जी उस परंपरा के योगी थे।

