मिर्जापुर में शांत और शीतल गंगा ने धारण किया हिंसक रूप, कई गांवों को एक साथ किया पानी-पानी
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में गंगा का पानी तटवर्तीय इलाकों में घुस गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गयी है। मिर्जापुर जिले में सबसे अधिक जलस्तर बढ़ने पर दो ब्लॉक प्रभावित हुए हैं। मिर्जापुर जिले के कोन ब्लॉक के कई गांवों में गंगा का पानी घुस गया है। वहीं, सीखड़ और मझवां ब्लॉक भी बाढ़ से प्रभावित है। अभी भी गंगा पांच सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही है। तेजी के साथ जलस्तर में वृद्धि हो रहा है, जिसके बाद अब तटवर्तीय इलाकों के लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुट गए हैं।

मिर्जापुर जिले में गंगा अब वार्निंग लेवल के पास पहुंच गई है। मिर्जापुर में गंगा का जलस्तर 76.450 मीटर पहुंच गया है। जिले में गंगा के जलस्तर का वार्निंग लेवल 76.724 मीटर है। वहीं, खतरे का निशान 77.724 मीटर पर है। पिछले चार घंटों में करीब 20 सेंटीमीटर पानी बढ़ चुका है। जलस्तर में वृद्धि के बाद सभी बाढ़ चौकियों को एक्टिव कर दिया गया है। राहत शिविर पर भी पर्याप्त सामग्रियों का व्यवस्था कर लिया गया है। एसडीएम सहित अन्य आलाधिकारी नजर बनाए हुए हैं।
सब्जी की फसल हुई है प्रभावित
कोन ब्लॉक के हरसिंगपुर गांव में तटवर्तीय इलाकों में पानी घरों तक पहुंच चुका है। कई बीघा फसल जलमग्न हो गया है। अजयराज ने कहा कि कल पानी यहां पर आ गया है। करीब एक किलोमीटर अंदर तक गंगा का पानी आ गया है। यहां पर तीन दिनों से जलस्तर में वृद्धि प्रारम्भ हुआ है। अभी भी तेजी के साथ पानी बढ़ रहा है। आगे भी बढ़ने की आशा है। रमाशंकर ने कहा कि तीन दिनों से पानी बढ़ रहा है। जो भी फसल है। सब डूब गए हैं। सबसे अधिक सब्जी की खेती प्रभावित हुई है

