लखनऊ के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन – डायरिया के मरीजों की बढ़ी संख्या
भीषण गर्मी के बीच लखनऊ के अस्पतालों ने डिहाइड्रेशन – डायरिया के रोगियों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुआ है. राजधानी के सभी बड़े सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन में प्रतिदिन 3 दर्जन से अधिक रोगी सामने आ रहे है. इसके साथ ही भर्ती रोगियों की संख्या भी बढ़ी है.

लखनऊ के डॉ।श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल हॉस्पिटल में बीते एक हफ्ते से रोज 40 से 50 रोगी डायरिया के आपातकालीन में पहुंच रहे. जबकि OPD में भी ऐसे रोगियों की बड़ी तादाद है.
इस सीजन में बढ़ते है ऐसे मरीज
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर राजेश श्रीवास्तव कहते हैं गर्मी के कारण ऐसे रोगियों की संख्या में इस सीजन में हर वर्ष बढ़ोत्तरी होता है.इस बार भी ऐसे ही मुकदमा सामने आ रहे हैं पर कोई पैनिक जैसे हालात नहीं है. स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.
जो रोगी आ रहे हैं उनको डॉक्टर की राय के बाद इंजेक्शन देकर राहत दी जा रही है. ज्यादातर रोगियों को 6 घंटे के अंदर ही छुट्टी भी दे दी जा रही है. जिनमें एक्यूट डिहाइड्रेशन के लक्षण है उन्हें भर्ती भी कराया जा रहा.
बलरामपुर में भी डिहाइड्रेशन के रोगियों में इजाफा
ऐसे ही हालात, लखनऊ के बलरामपुर हॉस्पिटल की है. यहां की आपातकालीन में भी डायरिया के रोगी अधिक आ रहे हैं. यहां प्रतिदिन रोगियों की संख्या 60 से 70 तक पहुंच रही है.
बलरामपुर हॉस्पिटल के निदेशक डॉ।दिनेश ने कहा कि इस इस मौसम में गर्मी की तपिश के चलते बड़ी संख्या में लोग डिहाइड्रेशन और डायरिया की चपेट में आते हैं पर थोड़ी सतर्कता से ही स्वयं को स्वस्थ रखा जा सकता है.गलत खानपान से बचना चाहिए और डायरियां जैदी लक्षण दिखने पर बिना देर किए चिकित्सक से राय लेनी
लोकबंधु हॉस्पिटल की OPD में सुबह से भी उमड़ी भीड़
लखनऊ के राजनारायण लोकबंधु की OPD में सोमवार सुबह 9 बजते ही भारी भीड़ रही. यहां भी डिहाइड्रेशन और डायरिया के लक्षण के रोगी अधिक रहे. हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर राजीव दीक्षित ने कहा कि बीते 10 दिनों में डायरिया के रोगियों की संख्या में तेजी से जाता हुआ है. OPD के फिजिशियन क्लिनिक में सबसे अधिक रोगी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं इसके अतिरिक्त आपातकालीन में भी ऐसे रोगियों की संख्या सबसे अधिक है.
समय से उपचार प्रारम्भ करने पर मिल रहा आराम
उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में रोगियों को बेहतरीन उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. कहीं कोई परेशानी नहीं है. गर्मी के कारण यह कठिनाई आती है पर समय रहते उपचार प्रारम्भ करने पर लोगों को जल्द आराम मिल जाता है. कुछ रोगियों में डिहाइड्रेशन के कारण पेट की परेशानी भी बढ़ जा रही है. ऐसे रोगियों की जांच भी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. OPD में प्रतिदिन 30 के करीब डायरिया डिहाइड्रेशन के रोगी सामने आ रहे. जबकि इतने ही रोगी आपातकालीन में भी उपचार के पहुंचते है.
बाहरी खान-2पान से करे परहेज
मेदांता लखनऊ के फिजिशियन डॉ।शोभित शाक्य ने कहा कि गर्मी में धूप के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन के कठिनाई सामने आ रही है. इसके अतिरिक्त शादी-फंक्शन या बाहर का खान-पान भी पेट को डिस्टर्ब कर रहा है. बेहतर होगा कि खान-पान को लेकर बहुत सतर्कता बरती जाए. इसके अतिरिक्त सीधे धूप की चपेट में आने से बचना चाहिए. बाहर के टेंपरेचर और अंदर AC कमरे के टेंपरेचर में बहुत वेरिएशन है, इसलिए सतर्कता अधिक महत्वपूर्ण है. बाहर निकलने से पहले बॉडी को ढक कर रखना ही बेहतर है.
डायरिया के लक्षण दिखने पर बिना देर किए एक्सपर्ट डॉक्टर से राय लेनी चाहिए. सेल्फ मेडिकेशन से बचाव बहुत महत्वपूर्ण है. यदि लक्षण अधिक गंभीर दिखे तो बिना देर किए हॉस्पिटल में एडमिट हो जाना चाहिए. हालांकि, ज्यादातर रोगियों को शुरुआती इलाज से ही राहत मिल जाती है पर जो रोगी पहले से किसी गंभीर रोग की चपेट में है उनको कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए.
दोपहर में घर से निकलने से बचें लोग
स्वास्थ्य विभाग ने तेज गर्मी और लू को देखते हुए. प्रदेश में अलर्ट जारी किया है. लोगों से अपील की गई है कि से निकलने से बचें. बाहर निकलते समय शरीर को ढक कर रखें. हल्के रंग के आरामदायक कपड़े पहनें और धूप में छाता या चश्मा जरूर लगाएं. नींबू पानी, शिकंजी, नारियल पानी जैसे तरल पदार्थ का सेवन लगातार करें. खाली पेट, अधिक प्रोटीन या बासी भोजन का सेवन न करें. शराब, चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड ड्रिंक आदि का अधिक सेवन न करें.
ये लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
एक्सपर्ट्स ने सभी अस्पतालों में दवाओं के पर्याप्त व्यवस्था करने, वार्ड में ठंडक पहुंचाने के उपकरण लगाने के भी निर्देश दिए हैं. उन्होंने बोला कि यदि त्वचा लाल और सूखी हो, चक्कर आए, मांसपेशियों में कमजोरी, सांस फूलना, सिरदर्द, घबराहट, उल्टी आदि की कम्पलेन हो तो तुरन्त ठंडा पानी पिलाएं और चिकित्सक को दिखाएं. किसी भी आदमी में गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं या एंबुलेंस सेवा 108 पर कॉल करें.
ये लक्षण दिखे तो हो जाये अलर्ट।।पेट में मरोड
- भूख में कमी आना
- लगातार उल्टी-दस्त होना
- मचली आना
- पेट में दर्द और सूजन होना
- शरीर में पानी की कमी होना
- बार-बार बुखार आना
- मल के साथ खून आना
- बदहजमी की कम्पलेन होना
- सिर दर्द, मुंह सूखना और कमजोरी
इन बातों का रखें ख्याल
- गर्मियों में सूती कपड़े पहने.
- मौसमी सब्जियों का सेवन करें.
- धूप से बचने के लिए मुंह हाथ ढककर चलें.
- रोजाना चार से पांच लीटर पानी जरूर पिएं.
- अच्छे से पानी पीकर, खाना खाकर ही बाहर निकलें.
- गन्ने के रस, नारियल पानी और फलों के जूस का सेवन करें

