पारिवारिक अवसाद के चलते सिंचाई विभाग के कर्मचारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
वाराणसी के मंडुवाडीह क्षेत्र में पारिवारिक अवसाद के चलते सिंचाई विभाग के कर्मचारी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। गुरुवार देर रात पड़ोसियों को उनका मृतशरीर किराए के मकान में फंदे से लटका मिला। पुलिस को बुलाकर मुहल्लेवालों ने मृतशरीर उतरवाया, परिजनों को सूचना दी। पुलिस मृतशरीर को कब्जे में लेकर पुलिस स्टेशन लाई और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
आजमगढ़ निवासी दीपक दूबे (35) लखनऊ में सिंचाई विभाग में द्वितीय श्रेणी कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर में मोहित श्रीवास्तव के मकान में तीसरे मंजिल पर किराये पर अकेले ही रहते थे। वैचारिक मतभेद के कारण दीपक की पत्नी लगभग पांच वर्ष से उनसे अलग अपने मायके में रहती है। इसके चलते दीपक अवसादग्रस्त रहते थे और अक्सर तनाव में बवाल भी करते थे। परिजनों ने उन्हें वाराणसी से मकान छोड़कर लखनऊ या आजमगढ़ जाने की राय भी दी। हालांकि वे अवकाश लेकर बनारस में रह रहे थे। मंडुवाडीह पुलिस स्टेशन की पुलिस की सूचना पर दीपक के परिजन वाराणसी के लिए रवाना हो चुके हैं।
रोशनदान के सहारे लगाई फांसी
पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात सिंचाई विभाग कर्मचारी दीपक महेशपुर मंडुवाडीह में अकेले थे। मुहल्ले वालों ने उनके कमरे में पहले तेज आवाजें और बाद में शांति होने पर खिड़की से झांककर देखा। दीपक ने गुरुवार रात 11-12 बजे के बीच स्वयं को कमरे में बंद कर रोशनदान के सहारे फंदा लगाकर जान दी है। पड़ोसी किरायेदार की बेटी ने खिड़की में देखा तो मृतशरीर फंदे से लटकता पाया। मृतशरीर देखकर उसने शोर मचाया, जिस पर क्षेत्रीय लोगों को घटना की सूचना पुलिस को दी। मंडुवाडीह पुलिस स्टेशन की पुलिस दरवाजा तोड़ कर अंदर घुसी और मृतशरीर को फंदे से नीचे उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

