मथुरा के गोवर्धन ड्रेन में फैली जलकुंभी ने एक किसान की भैंस की ली जान
मथुरा जिले के फरह क्षेत्र के पींगरी गांव में गोवर्धन ड्रेन में फैली जलकुंभी ने एक किसान की भैंस की जान ले ली. किसान बीपी सिंह की भैंस पानी पीने के दौरान जलकुंभी और कीचड़ में फंस गई. ग्रामीणों ने पूरी प्रयास की, लेकिन भैंस को बाहर नहीं निकाल सके और उसकी मृत्यु हो गई. इस घटना के बाद पूरे गांव में नाराजगी फैल गई है.

ग्रामीणों का बोलना है कि गोवर्धन ड्रेन की जलकुंभी की परेशानी नयी नहीं है. इस मामले को लेकर वे कई बार प्रशासन से कम्पलेन कर चुके हैं और मीडिया में भी लगातार खबरें प्रकाशित हो रही हैं. लेकिन अफसरों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. गांव वालों का इल्जाम है कि प्रशासन की ढिलाई से अब न सिर्फ़ पशुधन बल्कि लोगों का स्वास्थ्य, सिंचाई प्रबंध और पुल की मजबूती भी खतरे में है.
विशेषज्ञों ने जताई गंभीर चिंता जानकार बताते हैं कि जलकुंभी बहुत तेजी से फैलने वाला पौधा है. यह पानी की पूरी सतह को ढक देता है, जिससे जल प्रवाह रुक जाता है. पानी में ऑक्सीजन की कमी से मछलियां और अन्य जलीय जीव मरने लगते हैं. यही नहीं, जलकुंभी की गहरी जड़ों से पुल की नींव भी कमजोर हो सकती है. जानकारों ने चेतावनी दी है कि यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो बड़े हादसे हो सकते हैं.
ग्रामीणों की तीन मुख्य मांगें
गांव के लोगों ने इस मुद्दे में प्रशासन के सामने तीन बड़ी मांगें रखी हैं.
नाले से जलकुंभी हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए.
पुल की इंजीनियरिंग जांच कराई जाए ताकि मजबूती की स्थिति साफ हो सके.
मृत भैंस के मालिक बीपी सिंह को उचित मुआवजा दिया जाए.
आंदोलन की चेतावनी क्षेत्रीय निवासी लक्ष्मीकान्त पाराशर, हरपाल सिंह, विष्णु सिंह, रौतान सिंह और दिनेश ने बोला है कि यदि उनकी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे. उनका बोलना है कि पशुधन की मृत्यु और गांव की रोजमर्रा की परेशानियों का सीधा कारण प्रशासन की ढिलाई है.

