देर से जो मिलता है न्याय, वो अन्याय के सामान होता है : जगदगुरु परमहंस
अयोध्या तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य का एक और बयान चर्चा में है. सोमवार शाम सुल्तानपुर के कूरेभार स्थित मदनपुर में मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने ज्ञानवापी मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखी. परमहंस ने बोला कि फिलहाल तो हम कानूनी द
उन्होंने बोला कि राम मंदिर की तरह हम 500 वर्ष तक केस लड़ने की स्थिति में नहीं हैं. पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का हवाला देते हुए उन्होंने बोला कि देर से जो मिलता है न्याय, वो अन्याय के सामान होता है. हमें ऐतिहासिक स्थलों को पुनः प्रतिष्ठित करना होगा.
बांग्लादेश में सनातनियों की घटती संख्या चिंतनीय
जगदगुरु परमहंस ने बांग्लादेश में हिंदुओं की घटती संख्या को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने बोला कि बांग्लादेश हिंदुस्तान का हिस्सा था. जब से वह अलग हुआ और इस्लामिक देश बना, वहां लगातार सनातनियों पर अत्याचार हो रहे हैं. अत्याचार और दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ गई हैं. यह भारतीय संस्कृति के लिए एक बड़ी चेतावनी है. उन्होंने बोला कि राम जी ने शरण में आए विभीषण को राजा बना दिया था और घमंड दिखाने वाले रावण का वध कर दिया था. इसी नीति के साथ बंटवारे के बाद अलग हुए राष्ट्रों का फिर से हिंदुस्तान में विलय कराना होगा, तभी सनातन की रक्षा हो सकेगी.
ताजमहल भी अर्द्ध नारीश्वर का मंदिर ‘तेजो महालय’
परमहंस आचार्य ने बोला कि ताजमहल असलियत में भगवान शंकर के अर्द्ध नारीश्वर स्वरूप को समर्पित मंदिर हुआ करता था, जिसे तेजो महालय बोला जाता था. पर आक्रांताओं ने इसे भी बदल दिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए बोला कि हमें ऐतिहासिक स्थलों को उनके असली स्वरूप में लाना होगा. अनुभव साक्षा करते हुए आचार्य ने बोला कि दो वर्ष पहले वे तेजो महालय गए थे, तो धर्मदंड और भगवा देखकर उन्हें प्रवेश से इंकार कर दिया था. बाद में पुलिस उन्हें क्षमा मांगते हुए अंदर जाने दिया. कुछ दिन पूर्व भी वे फिर से तेजो महालय के दर्शन करके आए हैं.
शाहजहां का नाम लेना भी पाप
परमहंस आचार्य ने शाहजहां की नकारात्मक छवि को उजागर करते हुए बोला कि वह अपनी बेटी से बलात्कार करता था. अपने ही भाइयों की मर्डर भी करवाई थी. इसलिए शाहजहां का नाम तक पाप है. तेजो महालय को उसके नाम से जोड़ा जाना उचित नहीं.

