उत्तर प्रदेश

डीजे बजाएं लेकिन भाले-त्रिशूल न लाएं कांवड़िये : कांवड़ यात्रा नियम

कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए इस बार उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्य मिलकर नज़र करेंगे. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान पांच राज्यों ने कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारी पूर्ण करने का दावा किया है. वहीं कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर पाबंदी नहीं रहेगी, लेकिन कांवड़िये अपने साथ भाले, त्रिशूल या किसी प्रकार का हथियार लेकर नहीं चल सकेंगे. Kanwar yatra

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शनिवार को प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह एवं डीजीपी प्रशांत कुमार ने कांवड़ यात्रा को लेकर की तैयारियों के संबंध में मेरठ कमिश्नरी बैठक भवन में मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद मंडल एवं उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के वरिष्ठ पुलिस-प्रशासनिक ऑफिसरों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में पुलिस, प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने पीपीटी से कांवड़ यात्रा के संबंध में आने वाली चुनौतियों एवं उनसे निपटने के लिए की गई तैयारियों से मुख्य सचिव और डीजीपी को अवगत कराया.

बैठक में ऑफिसरों ने कहा कि कांवड़िए अपने साथ भाले, त्रिशूल या कोई हथियार लेकर नहीं चल सकेंगे. वहीं कावड़ रूट पर डीजे पर पाबंदी नहीं लेकिन नियमानुसार ध्वनि सीमा महत्वपूर्ण है. साथ ही कावड़ यात्रा की सीसीटीवी और ड्रोन से नज़र होगी. इतना ही नहीं कांवड़ यात्रा के दौरान तिरंगा लेकर चलने वाले श्रद्धालुओं पर विशेष नजर रहेगी. इसके अतिरिक्त दूसरे राज्यों के ऑफिसरों को कांवड़ियों को आईडी अवश्य मौजूद कराने का आग्रह किया गया है.

15 मार्गों से गुजरेंगे 55 लाख कांवड़िये
मेरठ मंडल के छह जिलों में 15 मार्गों से 55 लाख से अधिक कांवड़ियों के गुजरने और इन जिलों के शिवालयों में जलाभिषेक करने का अनुमान है. मुख्य सचिव और डीजीपी की बैठक में मेरठ मंडल के सभी छह जिले मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद जिले के शिवालयों, कांवड़ियों के प्रमुख मार्गों और कांवड़ियों की अनुमानित संख्या की रिपोर्ट रखी गई. सबसे अधिक 30 लाख कांवड़ियों के मेरठ जिले के शिवालयों में जलाभिषेक का अनुमान कहा गया है. बागपत में अनुमानित संख्या 13 लाख बताई गई.

इस तरह रखी गई है रिपोर्ट
मेरठ जिला
– अनुमानित कांवडियों का जलाभिषेक 30 लाख
– प्रमुख शिवालय: औघड़नाथ मंदिर, दबथुआ महादेव मंदिर, लोईया महादेव मंदिर दौरात्र गगोल महादेव मंदिर परतापुर, महादेव मंदिर भोला झाल और शिव मंदिर नंगली.
– कांवड़ियों का मार्ग: हरिद्वार-रुड़की-मेरठ एनएच-58, मेरठ-दिल्ली रोड और गंगनहर पटरी
बागपत जिला
– अनुमानित कांवड़ियों का जलाभिषेक 13 लाख
– प्रमुख शिवालय : पुरामहादेव मंदिर
– प्रमुख मार्गः मुजफ्फरनगर बुढ़ाना-दाहा-बिनौली मार्ग, नावला-रार्धना- सरूरपुर रजवाहा मार्ग.
गाजियाबाद जिला
– अनुमानित कावडियों का जलाभिषेक 4 से 5 लाख
– प्रमुख शिवालयः दूधेश्वर नाथ मंदिर
– प्रमुख मार्ग: एनएच-58, एनएच-24 गंगनहर पटरी मार्ग और मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे.
 हापुड़ जिला 
– अनुमानित कांवड़िये 3.50 लाख,
– प्रमुख शिवालय: बृजघाट, गढ़, चंडी मंदिर हापुड़,
– प्रमुख मार्ग : मेरठ- बुलंदशहर एनएच-235, एनएच-24.
बुलंदशहर जिला 
– अनुमानित कांवड़िये 1 से 1.60 लाख,
– प्रमुख शिवालयः राजराजेश्वर मंदिर बुलंदशहर, सिद्धेश्वर मंदिर खुर्जा, अहार मंदिर.

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