जानें, किस मान्यता से जुड़ा हुआ है नर्मदा पत्थर, सावन में बढ़ जाती डिमांड…
सावन का महीना प्रारम्भ हो गया है। ऐसे में इस महीने भगवान शिव की पूरे महीने पूजा और भक्ति की जाती है। वहीं शिवजी की मूर्ति और शिवलिंग पर उपस्थित नर्मदा पत्थर की भी डिमांड इन दिनों बढ़ जाती है। नर्मदा पत्थर मध्य प्रदेश में स्थित ओंकारेश्वर नदी से प्राप्त होता है। यह पत्थर नहीं शिवजी का अवतार होता है। मध्य प्रदेश के अतिरिक्त यह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भी मिलते हैं। सावन का महीना प्रारम्भ होते ही इनकी डिमांड भी बहुत अधिक बढ़ गई है। यह अलग साइज और प्राइस में लोगों को दिए जा रहे है।

कारोबारी मनीष अग्रवाल ने कहा की सावन का महीना भगवान शिव के लिए समर्पित होता है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना और आराधना की जाती है। भगवान शिव को यह पूरा महीना समर्पित किया जाता है। ऐसे में शिव भक्त भगवान शिव से जुड़ी चीजों की खरीदारी प्रारम्भ कर देते हैं। जिनकी मांग बढ़ जाती है। वहीं मुरादाबाद की बर्तन बाजार की बाजार में भगवान शिव की शिवलिंग पर लगने वाले नर्मदा पत्थर की भी डिमांड बढ़ जाती है।
यह पत्थर मध्य प्रदेश की ओंकारेश्वर नदी से होता है प्राप्त
यह पत्थर मध्य प्रदेश की ओंकारेश्वर नदी से निकलता है। इस पत्थर को कोई बनाता नहीं है। यह नदी से स्वयं प्रकट होता है। और भिन्न-भिन्न साइज में मिलता है। इनकी मूल्य की बात की जाए तो 50 रुपए से इसकी मूल्य प्रारम्भ होकर 1 लाख 2 लाख 3 लाख और आपके बजट पर निर्भर करती है। महंगे से महंगा सस्ते से सस्ता सभी वैरायटी का पत्थर यहां पर मिल जाता है।सावन में इस पत्थर की डिमांड बढ़ जाती है और लोग जमकर इस पत्थर को खरीदते हैं।

