उत्तर प्रदेश

जल्द शुरू होगा जमीन अधिग्रहण का काम, रेलवे ने तीन नए फ्लाईओवर वाले प्लान पर लगाई मुहर

रेलवे की पिंक बुक में शामिल प्रस्तावित तीन रेल पुलों को बनाए जाने के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा सर्वेक्षण की स्वीकृति दे दी गई है. जिला प्रशासन के योगदान से जमीन अधिग्रहण का काम जल्द प्रारम्भ होगा. इन तीन में से एक फ्लाई ओवर की लंबाई 27 किलोमीटर रहेगी. फ्लाईओव

Land acquisition rule for highways may be eased

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प्रयागराज जंक्शन, छिवकी और प्रयाग जंक्शन स्टेशनों पर ट्रेनों के आने-जाने के समय में सुधार करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने कुछ साल पहले तीन रेल फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई. इसकी डीपीआर आदि बनाकर भी रेलवे बोर्ड को भेजी गई. रेलवे की पिंक बुक में भी इसे शामिल किया था. अब रेल फ्लाई ओवर निर्माण के साथ ही यहां न्यू छिवकी और न्यू संगम स्टेशन का भी निर्माण होगा. न्यू छिवकी स्टेशन एक एलिवेटेड स्टेशन होगा. इसके नीचे से रिंग रोड निकलेगी.

तीन रेल फ्लाई ओवर इरादरगंज-नैनी, इरादतगंज-करछना एवं इरादतगंज रामनाथपुर के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्य अब होगा. इस संबंध में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को उत्तर मध्य रेलवे के उप मुख्य अभियंता निर्माण सुजीत कुमार एवं अन्य अफसरों की बैठक हुई.

डीएम ने नगर निगम, विकास प्राधिकरण एवं अन्य विभागों को भी समिति में शामिल किए जाने के लिए कहा, ताकि भूमि अधिग्रहण का काम जल्द प्रारम्भ हो सके.

मुंबई रेलमार्ग को पूर्वोत्तर रेलवे के प्रयागराज रामबाग-क रेलमार्ग से जोड़ने के लिए 26.9 किलोमीटर लंबा रेल फ्लाईओवर बनाया जाएगा. इससे दो लिंक रेल फ्लाईओवर भी निकाले जाएंगे. इरादतगंज – रामनाथपुर फ्लाईओवर रामनाथपुर के निकट कुंवाडीह पर जुड़ेगा.

इसके लिए एक पुल भी बनाएगा. इस फ्लाईओवर से जो दो लिंक निकाले जाएंगे उसमें पहला लिंक नैनी-छिवकी के पास करछना रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली-हावड़ा रूट से ही लिंक की लंबाई साढ़े चार-साढ़े चार किलोमीटर र इस पूरे फ्लाई ओवर की कुल लंबाई 35.858 किमी होगी.

रामनाथपुर फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए बनाए फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए 118 हेक्टेयर अधिग्रहण करना होगा. यह दोहरीकरण रेल ला ओवर रहेगा. इससे निकलने वाले दो लिंक फ्ल सिंगल लाइन रहेगी. इरादतगंज में फ्लाई ओवर किलोमीटर के बाद ही पहली लिंक लाइन छिट कुछ दूर पर दूसरी लिंक लाइन करछना के लिए निकाली जाएगी. इस बीच यह फ्रेट कॉरीडोर और हावड़ा दिल्ली रेलमार्ग को ऊपर से ही क्रास करेगा.

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