वन विभाग के कंट्रोल फायर के दौरान घटी बड़ी दुर्घटना
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आग लगने का मुद्दा सामने आया है। गुरुवार देर शाम तक पीलीभीत टाइगर रिज़र्व का पूरा प्रशासनिक अमला आग बुझाने में जुटा रहा। जानकारी के अनुसार सैकड़ों एकड़ ग्रासलैंड आग की चपेट में आ गया है। गौरतलब है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 500 किलोमीटर की लंबाई में फायर लाइन बिछाई जानी हैं। जो जंगल की आग को रोकने में सहायता करेगी। कल ही CAMPA ने 27 लाख रुपये आवंटित किए हैं। लेकिन इसी बीच यह काण्ड हो गया

दरअसल, पूरा मुद्दा पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज का है। जहां गुरुवार दोपहर एक ग्रासलैंड में भयंकर आग लग गई। जानकारी के अनुसार गर्मियों में आग लगने की घटनाओं कि रोकथाम के लिए ग्रासलैंड में कंट्रोल फायर लगाई जा रही थी। इसी दौरान दोपहर में चल रही तेज हवाओं के कारण देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप ले लिया। पूरे मुद्दे की जानकारी मिलते ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। आरंभ में टाइगर रिजर्व के संसाधनों से आग को बुझाने के कोशिश किए जा रहे थे जो नाकाफी साबित हुए।
100 हेक्टेयर एरिया प्रभावित
ऐसे में शीघ्र में जिला मुख्यालय पर संपर्क कर दमकल की गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। पीलीभीत और बरेली अग्निशमन विभाग की देर शाम तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फिलहाल आग की जद में आकर वन्यजीव की क्षति का आंकलन नहीं किया जा सका है। जानकारों की माने तो जंगल में आग लगने की घटनाओं का सबसे आगे खामियाजा शाकाहारी जानवरों को भुगतना पड़ता है। जानकारी के अनुसार 100 हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ है। पूरे मुद्दे पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि गुरुवार को महोफ रेंज में आग लगने की घटना सामने आई थी। मौक़े पर पहुंच कर आग पर काबू पा लिया गया।

