एलडीए ने मायावती के कार्यकाल में बनाए गए स्मारकों और पार्कों में प्रवेश का शुल्क बढ़ाया
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ को नवाबों और बागों का शहर बोला जाता है। इस शहर की सुंदरता को चार चांद लगाते है, यहां के बाग और स्मारक। लेकिन यदि आप फैमिली और फ्रेंड्स के साथ पार्कों में घूमते हैं तो अब आपको अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। दरअसल, एलडीए ने पूर्व सीएम मायावती के कार्यकाल में बनाए गए स्मारकों और पार्कों में प्रवेश शुल्क बढ़ा दिया है। इसके साथ ही, अब पा
लखनऊ और नोएडा के सभी स्मारकों और पार्कों में ई-पेमेंट की सुविधा मौजूद होगी। एलडीए के उपाध्यक्ष और स्मारक समिति के सदस्य सचिव डाक्टर इन्द्रमणि त्रिपाठी ने सोमवार को गोमतीनगर स्थित डाक्टर भीमराव अम्बेडकर सामाजिक बदलाव स्थल पर फीता काटकर डिजिटल पेमेंट काउंटर का उद्घाटन किया।
1 अक्तूबर से लागू नया चार्ज
लखनऊ विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक दीपक सिंह ने कहा कि स्मारक समिति के विभिन्न स्मारकों और पार्कों में प्रवेश शुल्क 20 रूपए हो गया है। यह नयी दरें 1 अक्तूबर से लागू हो गई है। पहले प्रवेश शुल्क 15 रुपए था। अब स्मारकों और पार्कों में घूमने आने वाले लोग नगद भुगतान के साथ ही यूपीआई, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से भी प्रवेश शुल्क का भुगतान कर सकेंगे।
स्मारकों और पार्कों में प्रवेश शुल्क
पार्क पुरानी की फीस
प्रवेश शुल्कृ-1520
मासिक पास-200400
छमाही- 4001600
हर वर्ष प्रवेश शुल्क में 5 रुपए की वृद्धि
अब से हर वर्ष प्रवेश शुल्क में पांच रुपए की वृद्धि की जाएगी। यह प्रति वर्षीय शुल्क वृद्धि 1 अप्रैल से लागू होगी। इसी तरह मासिक पास की दर 50 रुपए और छमाही पास की दर 100 रुपए प्रति साल बढ़ाई जाएंगी।

