जानें लेटेस्ट अपडेट! आम लोगों के लिए बंद हुई गंगा आरती
Varanasi Ganga Aarti News: बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए बड़ी समाचार सामने आई है। यदि आप काशी जाने का प्लान कर रहे हैं और गंगा आरती देखना चाहते हैं तो रुक जाइए। अभी से पांच दिन तक बाबा विश्वनाथ के दरबार में गंगा आरती नहीं होगी। जी हां, प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वाराणसी के घाटों पर होने वाली गंगा आरती को आम लोगों के लिए पांच फरवरी तक बंद रखने का निर्णय किया गया है। आरती आयोजन समिति की तरफ से यह जानकारी दी गई। वाराणसी पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) ने काशीवासियों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलने और श्रद्धालुओं का योगदान करने की अपील की है।

गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि दशाश्वमेध घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती अपरिहार्य कारणों से पांच फरवरी, 2025 तक जनसामान्य के लिए बंद रहेगी। गंगा आरती करने वाली संस्था ने दर्शनार्थियों/श्रद्धालुओं से अपील की है। इसी प्रकार शीतला घाट, अस्सी घाट समेत अन्य घाटों पर भी गंगा आरती करने वाली समितियों ने भी जनसामान्य, दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं से पांच फरवरी तक आरती में शामिल न होने की अपील की है।
इस बीच वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने भी काशीवासियों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलने और श्रद्धालुओं का योगदान करने की अपील की है। प्रयागराज महाकुंभ में स्नान कर वापस लौटे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अब भी वाराणसी कैंट और बनारस स्टेशन पर फंसे हुए हैं। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि अत्यधिक भीड़ की वजह से वे अपनी ट्रेन पकड़ नहीं पाए और अब वे भीड़ कम होने का प्रतीक्षा कर रहे। वहीं कुछ ट्रेनों के खारिज होने की वजह से यात्री अब भी स्टेशन पर फंसे हैं और अन्य किसी साधन का प्रतीक्षा कर रहे हैं।
असम के सोनिकपुर निवासी बॉबी माया लिम्बु ने कहा कि वह अपने समूह के साथ प्रयागराज आयी थीं। उन लोगों ने 26 जनवरी को प्रयागराज संगम तट पर स्नान किया। वहां से वे अयोध्या दर्शन पूजन करने गए। वहां से 30 जनवरी को वाराणसी पहुंचे हैं। कल ही उनकी ट्रेन थी परंतु भीड़ के कारण ये लोग ट्रेन नहीं पकड़ पाए। अब जो भी ट्रेन आएगी उसमें जाएंगे। माया लिम्बु ने कहा कि भीड़ भाड़ की वजह से परेशानी तो बहुत हुई परंतु दर्शन पूजन कर आत्मा को बहुत सुख की अनुभूति हुई है।
गया जिला से आये श्रद्धालु दीनानाथ ने कहा कि वह अपने बीवी बच्चों के साथ दो दिन से बनारस में फंसे हुए हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने ट्रेन पकड़ने की प्रयास की लेकिन भारी भीड़ की वजह से उनका दम घुटने के कारण ट्रेन से नीचे उतरना पड़ा। तब से वे प्लेटफॉर्म के बाहर बने रैन बसेरा में रह रहे हैं। रैन बसेरा का प्रबंधन देख रहे रजत सिंह ने कहा कि कुंभ आने जाने वाले यात्रियों के आराम के लिए यह बसेरा बनाया गया है। यहां यात्रियों के सोने रहने की प्रबंध की गई है। किसी यात्री को स्वास्थ्य कठिनाई होने पर इलाज के लिए यहां स्वास्थ्य टीम उपस्थित है. मगर यहां खाने-पीने की कोई प्रबंध नहीं है।
कैंट क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विदुश सक्सेना ने कहा कि महाकुंभ के पर्व और मौनी अमावस्या बीतने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ काशी में बढ़ी है। उन्होंने बोला कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगातार जांच अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं। यात्रियों के ठहरने के लिये रैन बसेरा बनाया गया है। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए स्टैंड बनाया गया है। सक्सेना ने बोला कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वे कुछ दिन रुक कर वाराणसी दर्शन पूजन के लिए आएं ताकि यहां आने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

