उत्तर प्रदेश

आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला, जानें विस्तार में…

 यूपी के सहारनपुर नगर निगम द्वारा संचालित की जा रही मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला जिसको समय-समय पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए भिन्न-भिन्न कोशिश किए जाते रहे हैं उसी कड़ी में इस बार इस गौशाला में गोबर से मंदिर का निर्माण किया जा रहा है आपको बता दे की सहारनपुर के गांव नवादा स्थित नगर निगम द्वारा कान्हा उपवन गौशाला संचालित की जा रही है जिसमें लगभग 584 गोवंश संरक्षित है इतना ही नहीं इस गौशाला का प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ निरीक्षण कर यहां पर गोबर और गोमूत्र से बनने वाले प्रॉडक्ट्स की प्रशंसा भी कर चुके हैं

Images 2025 08 19t172506. 411

WhatsApp Group Join Now

इसलिए इस गौशाला को सीएम की सबसे पसंदीदा गौशाला भी माना जाता है क्योंकि यहां से सभी त्योहारों पर गोबर और गोमूत्र से बनने वाले प्रोडक्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजे जाते हैं वही इस बार नगर निगम के द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गोबर से मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया मंदिर बनाने के लिए गोबर, मुल्तानी मिट्टी, गोमूत्र फेविकोल आदि का इस्तेमाल किया गया है इतना ही नही आने वाले दिनों में गोबर से राष्ट्र के सभी प्रतिष्ठित मंदिर जिसमे राम मंदिर को भी बनाया जाएगा वही गोबर से बने इस मंदिर की मूल्य मात्र ₹200 रखी गई है जबकि टूट जाने पर या फिर मंदिर को बदलने पर यह मंदिर पौधों में खाद का काम भी करेगा

एक तरफ आस्था का केंद्र बनेगा गोबर से तैयार मंदिर, दूसरी ओर पौधों को देगा पोषक तत्व
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी चिकित्सक संदीप कुमार मिश्रा ने लोकल 18 से बात करते हुए कहा कि जैसे कि आप जानते हैं कि हम गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समय-समय पर कोशिश करते रहते हैं, और हमने विभिन्न गौ उत्पाद बनाए भी है उसी के क्रम में हमने इस बार गोबर से मंदिर का निर्माण किया है जिसमें 80 से 90% गोबर, मुल्तानी मिट्टी और जोड़ने वाले तत्वों का इस्तेमाल किया है

अभी हमारे द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक छोटा सा मंदिर बनाया गया है बाकी हम आगे प्रयास करें कि राष्ट्र में जितने भी प्रतिष्ठित मंदिर है जिसमें राम मंदिर भी शामिल है उसको हम गोबर से बनाएं और ईश्वर को स्मरण करें लेकिन यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि लोग बाजारों से मंदिर खरीद कर लाते हैं और यदि मंदिर में टूट फुट जाती है या फिर पुराने हो जाते हैं तो हम देखते हैं कि उन मंदिरों को कहीं सड़कों पर या इधर-उधर पड़े हुए मिलते हैं

जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए उसी के दृष्टिगत हमने गोबर से मंदिर का निर्माण किया है यदि मंदिर पुराना हो जाए या टूट हो जाए या फिर आपको नया बदलना हो तो आप इस मंदिर को अपने घर के गमले में रख दीजिए थोड़े दिनों बाद यह पौधे में खाद के रूप में मिल जाएगा अभी हमारे द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तीन से चार मंदिरों का निर्माण किया गया है और इसकी काफी प्रशंसा और अतिरिक्त डिमांड भी आ रही है

हम कोशिश कर रहे हैं कि मंदिर निर्माण में और भी व्रद्धि करके अधिक से अधिक मंदिरों का निर्माण कर सके अभी बनाए गए इन मंदिरों को ऑफलाइन माध्यम से ही सेल किया जा रहा है जब मंदिर पर्याप्त मात्रा में हो जाएंगे तब इनको पूरे राष्ट्र में अमेजॉन पर औनलाइन माध्यम से सेल किया जाएगा गोबर से बनाए गए मंदिर की मूल्य मात्र ₹200 रखी गई है

Back to top button