भगवान रामलला को सोने का धनुष भेंट करेगा महावीर मंदिर ट्रस्ट
भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे राष्ट्र और दुनिया में धूम मची है। हर कोई ईश्वर के प्राण प्रतिष्ठा में योगदान करना चाहता है। मिथिला की परंपरा के मुताबिक अब महावीर मंदिर पटना की तरफ से ईश्वर रामलला को प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर स्वर्ण का कोदंड यानी कि धनुष-बाण भेंट किया जाएगा। ईश्वर रामलला को प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर मिथिला की तरफ से चांदी का पान, वस्त्र और मिष्ठान भी समर्पित किया जाएगा। स्वर्ण का यह कोदंड चेन्नई के कारीगरों को द्वारा तैयार किया जा रहा है जो 10 जनवरी के बाद अयोध्या आएगा। धनुष-बाण के साथ-साथ महावीर मंदिर पटना 2 करोड़ रुपए के चेक को भी रामलला को समर्पित करेगा।
रामलला के पक्ष में निर्णय आने के बाद महावीर मंदिर पटना की तरफ से 10 करोड़ रुपए का योगदान राम मंदिर में देने की घोषणा की गई थी। जिसमें दो-दो करोड़ रुपए की चार किस्त महावीर मंदिर पटना ने रामलला को समर्पित की है और अंतिम दो करोड़ रुपए ईश्वर राम लला को सोने के कोदंड के साथ 15 जनवरी को समर्पित किया जाएगा। इतना ही नहीं ईश्वर रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में आने वाले राम भक्तों के लिए अनवरत सीता रसोई का भी संचालन किया जाएगा। जिसमें राम भक्तों को बड़ी संख्या में मुफ़्त भोजन मौजूद कराया जाता है।
मिथिला और अवध का संबंध हैं खास
गौरतलब है कि ईश्वर रामलला का मिथिला से बहुत ही गहरा संबंध है और उस संबंध को और भी जीवंत करने के लिए अब महावीर पटना ट्रस्ट आगे आया है। रामायण के मुताबिक शिव के धनुष को तोड़ने के बाद ईश्वर राम और माता सीता का शादी हुआ था। यही वजह है कि अब मिथिला और अवध को एक सूत्र में पिरोने का कार्य महावीर ट्रस्ट पटना करने जा रहा है। जिसमें ईश्वर रामलला को स्वर्ण का धनुष समर्पित किया जा रहा है और इतना ही नहीं पाहुन राम को हर वह चीज समर्पित की जाएगी जिसकी हिन्दू धर्म के मुताबिक परंपरा है।
अयोध्या और मिथिला का संबंध जीवंत करेगा महावीर मंदिर ट्रस्ट
महावीर मंदिर ट्रस्ट पटना के सचिव किशोर कुणाल ने कहा कि राम मंदिर के पक्ष में निर्णय आने के बाद हमने 10 करोड़ रुपए राम मंदिर निर्माण में दान देने के लिए बोला था। जिसमें 8 करोड़ रुपए हम लोगों ने दे दिया है। बाकी 2 करोड़ रुपए 15 जनवरी को दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त हम लोगों ने सोचा है कि मिथिला और अयोध्या का जो संबंध रहा है। उसको एक बार फिर जीवंत किया जाए। इसलिए राम मंदिर निर्माण में मिथिला की तरफ से कुछ सामान भेंट करना चाहिए। जिसमें धनुष्य को बहुत जरूरी माना जाता है। धनुष टूटने के बाद में भी प्रभु राम का शादी माता सीता के साथ हुआ था। इसलिए हमने सोचा है कि आनें वाले 15 जनवरी को 4 किलोग्राम स्वर्ण जटित धनुष राम मंदिर ट्रस्ट को भेंट किया जाएगा

