मलिहाबादी किसानों की आमों से हो रही है जमकर कमाई
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद का दशहरी आम आमों का राजा कहलाता है और स्वाद में लाजवाब होता है। इस बार आम ने इतिहास रच दिया है। पहली बार दशहरी आम बाजार में 90 से लेकर 110 रुपए किलो तक बिक रहा है। ज्यादातर लोग किसानों से उनके बाग में ही जाकर मुंह मांगी कीमतों पर दशहरी आम खरीद रहे हैं।

आम उत्पादक के महासचिव ने बताया
आखिर कैसे दशहरी आम जिसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया था, वो अचानक लोगों को इतना पसंद आ रहा है। यही जानने के लिए जब अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति नबीपनाह मलिहाबाद के महासचिव उपेंद्र कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसका पूरा श्रेय बैग को जाता है। इस बार किसानों ने बैगिंग की थी। इस बार यूपी और उत्तराखंड दोनों को मिलाकर 70 लाख बैगिंग की गई थी।
जिस वजह से दशहरी की क्वालिटी अच्छी हुई है और दशहरी आम इस बार किसानों को काफी लाभ पहुंचा रहा है। इसलिए गवर्नमेंट भी अगले वर्ष पांच करोड़ बैग किसानों को देने का वादा कर चुकी है।
कार्बाइड और बैगिंग के आम में यह अंतर
उपेंद्र कुमार सिंह ने एक कार्बाइड से पकाया हुआ आम और दूसरा बैगिंग वाला आम दिखा कर इन दोनों में अंतर बताते हुए समझाया कि जब कार्बाइड से पकाया हुआ आम हम काटते हैं तो यह अंदर से पिलपिला होता है और गुठली के आसपास जेली जमी होती है जो आम को अधिक दिन तक टिकने नहीं देती है। इसीलिए अभी तक दशहरी को बाहर नहीं भेजा जा रहा था, लेकिन बैगिंग वाले आम में जेली नहीं होती है। अंदर से पिलपिला नहीं होता है, जिस वजह से यह अधिक दिन तक चल सकता है। इसलिए दशहरी आम को दूर दराज के राष्ट्रों में भी भेजा जा रहा है, जिसका सीधा लाभ किसानों को हो रहा है।
सरकार से पेड़ों के छंटाई की मांग
उपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि गवर्नमेंट ने बैग देने का घोषणा कर दिया है, यह अच्छी बात है। अगले वर्ष दशहरी आम इससे भी बड़ा इतिहास रचेगा। उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट लंबे हो चुके दशहरी आम के बागों की छंटाई करवा दे, जिससे दशहरी आम के बागों को एक बार फिर से नया जीवन मिल सके।

