बरेली में लगने वाला मणिनाथ दशहरा मेला मनया जाता है बड़ी धूमधाम से…
दशहरा गुरुवार, 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा, वैसे दशहरे के दिन ही मेलों और रावण दहन का आयोजन होता है। इसलिए बरेली में लगने वाला मणिनाथ पर दशहरा मेला बड़ी धूमधाम से आयोजित किया जाता है। बदायूं रोड पर रहने वाले सभी लोग मणिनाथ और गल्ला मंडी क्षेत्र में लगने वाले सालों पुराने इस मेले में अपने परिवार के साथ आते हैं। असत्य पर सत्य की विजय इसी दिन हुई थी। इसलिए दशहरे मेले का आयोजन बरेली में बड़ी धूमधाम से मणिनाथ क्षेत्र में किया जाता है।

यह परंपरा 52 वर्ष से भी पुरानी है। बरेली के जोगी नवादा में दशहरा मेला इस वर्ष गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को दशहरे के दिन लगेगा। रावण दहन प्रदोष काल में किया जाता है। जो सूर्यास्त के बाद प्रारम्भ होता है। इस दिन सूर्यास्त शाम 6 बजकर 6 मिनट पर होगा, जिसके बाद रावण दहन किया जा सकता है। जोगी नवादा का दशहरा मेला एक जरूरी आयोजन होता है, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और गतिविधियाँ शामिल होती हैं। यहाँ पहलवानों के बीच दंगल का आयोजन भी होता है, जिसमें क्षेत्रीय और बाहर के पहलवान भाग लेते हैं।दशहरे के मुख्य कार्यक्रम में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं।
बरेली के शास्त्री नगर में हार्टमैन रामलीला ग्राउंड में होने वाली रामलीला का एक लंबा इतिहास रहा है। हालाँकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बरेली में कई रामलीलाएँ होती हैं।और हार्टमैन मैदान की रामलीला दशहरे के समय आयोजित होती है, जबकि यहाँ की सबसे प्रसिद्ध और पुरानी रामलीला होली के समय होती है। जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर भी घोषित किया है। बरेली में रामलीला की परंपरा लगभग 455 वर्ष पुरानी है। सबसे पहले इसकी आरंभ अयोध्या के बाद काशी में और फिर राजा बसंत राव द्वारा बरेली में की गई थी। बीते समय में यह रामलीला इतनी मशहूर थी। कि इसे देखने के लिए इर्द-गिर्द के जिलों जैसे लखीमपुर, रामपुर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत से भी लोग आते थे।नवरात्रि 2025 में 23 सितंबर से प्रारम्भ होकर 2 अक्टूबर तक चलेगी।
रोटरी क्लब का विराट दशहरा मेला 2025 में बरेली क्लब मैदान में 3, 4 और 5 अक्टूबर को आयोजित होगा।मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, मनोरंजन के कार्यक्रम, विभिन्न प्रकार के स्टॉल और बच्चों के लिए झूले होते हैं।कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है, जिसमें फैंसी ड्रेस, ग्रुप डांस, मेला क्वीन और अन्य शामिल हैं।मेले का समाप्ति रावण दहन के साथ होता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।रोटरी क्लब ऑफ बरेली साउथ द्वारा यह विराट दशहरा मेला कई दशकों से आयोजित किया जा रहा है। 2025 में इसका 39वाँ संस्करण होगा।मेले से होने वाली आय से रोटरी क्लब समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए विभिन्न परोपकारी कार्य करता है।
बरेली के बहेड़ी में होने वाली रामलीला लगभग 167 वर्ष पुरानी है। इसका आयोजन हर वर्ष दशहरा के दौरान होता है, जो आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर महीने में पड़ता है। रामलीला में श्रीराम के जन्म से लेकर सीता विवाह, वनवास, लंका पर चढ़ाई और रावण वध तक की पूरी कहानी को नाटकीय रूप में प्रस्तुत किया जाता है। बहेड़ी की रामलीला की परंपरा बहुत पुरानी है, जो लगभग 167 वर्ष पहले प्रारम्भ हुई थी। इसकी आरंभ ब्रिटिश शासन काल में हुई थी। समय के साथ-साथ यह रामलीला एक बड़े मेले का रूप ले चुकी है। जिसमें क्षेत्रीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से लोग शामिल होने आते हैं।मेले में रामलीला के मंचन के साथ-साथ कई तरह के झूले, दुकानें और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं।

