उत्तर प्रदेश

मऊ सदर विधानसभा सीट के दावेदारों में मची खलबली, इस खास तारीख का बेसब्री से है इंतजार

मऊ सदर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने इस उपचुनाव की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार को एक इमरजेंसी बैठक बुलाई है यह बैठक मऊ के पुरानी तहसील पर एक प्लाजा में सुबह 11 बजे होगी, जिसमें यूपी गवर्नमेंट के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर सहित पार्टी के सभी प्रमुख नेता शामिल होंगे

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मऊ सदर विधानसभा सीट सुभासपा के विधायक अब्बास अंसारी की अयोग्यता के बाद खाली हुई है अब्बास अंसारी को 2022 के एक हेट स्पीच मुद्दे में विशेष एमपी-एमएलए न्यायालय ने दो वर्ष की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई इसके बाद अब्बास अंसारी ने अपनी सजा को जिला सत्र न्यायलय में चुनौती दी है  अब इस मुद्दे में 5 जुलाई को निर्णय आना है इससे पहले सुभासपा ने इस सीट पर अपना दावा मजबूत किया है, क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में यह सीट सुभासपा ने सपा (सपा) के साथ गठबंधन में जीती थी

ओम प्रकाश राजभर का दावा

सुभासपा अध्यक्ष और यूपी गवर्नमेंट के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पहले ही मऊ सदर सीट पर अपनी पार्टी का दावा ठोक दिया है उन्होंने कहा, “यह हमारी सीट थी, 2022 में हमने अपने चुनाव चिन्ह पर यह सीट जीती थी उपचुनाव में हमारा अधिकार है कि हम इस सीट से उम्मीदवार उतारें” राजभर ने यह भी साफ किया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता कर इस सीट पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय लेगी बैठक में मऊ सदर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार चयन, प्रचार रणनीति और क्षेत्र में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने पर चर्चा होगी सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव और राजभर के बेटे अरविंद राजभर ने कहा, “हमारा उम्मीदवार अंसारी परिवार से नहीं होगा, लेकिन पार्टी मऊ सीट पर मजबूती से लड़ेगी

सियासी समीकरण और भाजपा की भूमिका

मऊ सदर सीट पर उपचुनाव को लेकर एनडीए में भीतरखाने तनाव की स्थिति है सुभासपा के भाजपा के साथ गठबंधन में होने के बावजूद, भाजपा ने भी इस सीट पर रुचि दिखाई है भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “मऊ सीट पर उम्मीदवार का निर्णय एनडीए की केंद्रीय नेतृत्व के परामर्श से होगाभाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि 2022 में इस सीट पर दूसरे जगह पर रहे उनके उम्मीदवार अशोक कुमार सिंह उपचुनाव में कड़ी भिड़न्त दे सकते हैं, खासकर यदि समाजवादी पार्टी अंसारी परिवार से किसी उम्मीदवार को मैदान में उतारती है

मऊ सदर सीट का महत्व

मऊ सदर विधानसभा सीट सुभासपा के लिए भावनात्मक और सियासी रूप से जरूरी है यह सीट लंबे समय तक मुख्तार अंसारी के असर क्षेत्र में रही है, जिन्होंने 1996 से 2017 तक इस सीट का अगुवाई किया 2022 में सुभासपा ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में अब्बास अंसारी को इस सीट से जिताया था, लेकिन गठबंधन टूटने और सुभासपा के एनडीए में शामिल होने के बाद अब यह सीट पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है

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