MMM UT ने अनुशासनहीनता के मामलों में दोषी पाते हुए सहायक अभियंता को किया बर्खास्त
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी (MMM UT) के व्यवस्था बोर्ड ने सहायक अभियंता अमित शंकर को वित्तीय अनियमितता और अनुशासनहीनता के मामलों में गुनेहगार पाकर सेवा से बर्खास्त कर दिया है.

वे 7 मई 2024 से निलंबन पर थे और बर्खास्तगी की कारगर तिथि भी यही रखी गई है. कुल मिलाकर 10 मामलों में उन्हें गुनेहगार ठहराया गया, जिनमें वरिष्ठ ऑफिसरों और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार भी शामिल है.
जांच समिति ने कई अवसर देकर उनका पक्ष सुना, लेकिन वे सिर्फ़ एक बार ही मौजूद हुए और दिया गया उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया. 30 जुलाई को व्यवस्था बोर्ड की बैठक में आखिरी अवसर मिलने के बाद भी वे नहीं पहुंचे, जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्तगी का फैसला लिया गया.
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी (MMM UT) ,गोरखपुर
मुख्य मुद्दा :– 32 फ्लैट निर्माण में अनियमितता पांच साल पहले यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के लिए 32 फोर-बीएचके फ्लैट बनाने के लिए 12 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था. कार्य अधूरा रहने पर कार्यदायी संस्था ने 14.39 करोड़ रुपये का संशोधित बजट प्रस्तुत किया .
जिसे अभियंता अमित शंकर ने 14.1 करोड़ रुपये कर दिया. जांच में पाया गया कि संशोधित बजट में 64 लाख रुपये के कार्य को दो बार दर्शाया गया था. प्रथम दृष्टया गुनेहगार मानते हुए 7 मई 2024 को उन्हें निलंबित किया गया और आगे की जांच प्रारम्भ हुई.
अन्य इल्जाम और कार्रवाई :– अमित शंकर पर सड़क चौड़ीकरण में ढिलाई और एक ठेकेदार को समय पर भुगतान न करने का भी इल्जाम साबित हुआ. यह भुगतान टकराव विधानसभा की विलंब समिति तक पहुंचा . जिसने गुनेहगार पर कार्रवाई की सिफारिश की थी.
साथ ही, उन्होंने कई मौकों पर यूनिवर्सिटी के आदेशों की अवहेलना और वरिष्ठों के प्रति अनुशासनहीनता दिखाई.
कानूनी कोशिश विफल :– बर्खास्तगी से पहले अभियंता उच्च न्यायालय भी गए थे, जहां से उन्हें निलंबन के दौरान जांच जारी रखने का निर्देश मिला. यूनिवर्सिटी ने न्यायालय के आदेश के मुताबिक जांच पूरी की और व्यवस्था बोर्ड के फैसला के बाद उन्हें आखिरी रूप से सेवा से हटा दिया.
कुलसचिव प्रकाश प्रियदर्शी ने कहा कि कई बार अवसर देने के बावजूद अभियंता ने अपना पक्ष नहीं रखा. जिसके चलते व्यवस्था बोर्ड ने सर्वसम्मति से बर्खास्तगी का निर्णय लिया.

