मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी कासगंज जेल से हुए रिहा
मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को बड़ी राहत मिली. विधायक अब्बास अंसारी शुक्रवार को कासगंज कारावास से रिहा हो गए. उच्चतम न्यायालय ने 7 मार्च को अब्बास अंसारी को सशर्त अंतरिम जमानत दी थी. SC से जमानत मिलने के 15 दिन बाद उनकी रिहाई हुई. ईद से पहली उनकी रिहाई से अब्बास अंसारी के परिवार में खुशी है. आइए जानते हैं कि किस मुद्दे में कारावास में बंद थे अब्बास अंसारी.
जानें कब से कासगंज कारावास में बंद थे अब्बास अंसारी?
विधायक अब्बास अंसारी 15 फरवरी 2023 से कासगंज कारावास में बंद थे. करीब 31 महीने बाद अब्बास अंसारी कासगंज कारावास से रिहा हुए. उच्चतम न्यायालय से 7 मार्च को जमानत मिलने के 15वें दिन आज परवाना कारावास प्रशासन के पास पहुंचा. इसके बाद उच्चतम न्यायालय के आदेश पर कारावास प्रशासन ने अब्बास अंसारी को कारावास से रिहा कर दिया.
हेट स्पीच मुद्दे में अरैस्ट हुए थे अब्बास अंसारी
हेट स्पीच के एक मुकदमा में अब्बास अंसारी को 4 नवंबर 2022 को अरैस्ट किया गया था. उनके विरुद्ध 6 सितंबर 2024 को गैंगस्टर एक्ट के अनुसार भी केस दर्ज किया गया. इस पर उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया था कि अब्बास अंसारी लखनऊ में अपने सरकारी आवास में रहेंगे. यदि उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में जाना है तो पहले अफसरों से अनुमति लेनी होगी.
2022 के विधानसभा चुनाव में बने थे विधायक
पहले चित्रकूट कारावास में अब्बास अंसारी बंद थे, जहां वे गैरकानूनी रूप से अपनी बेगम निकहस से मुलाकात करते समय धरे गए थे. इसके बाद अब्बास अंसारी को कासगंज कारावास भेज दिया गया. इस मुद्दे में निकहस भी अरैस्ट हुई थी, लेकिन बाद में जमानत मिल गई. 2022 के विधानसभा चुनाव में अब्बास अंसारी ने ओपी राजभर की पार्टी सुभासपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता था.

