मुख्तार अंसारी के बेटे उमर को दूसरी जेल में किया गया शिफ्ट, SP बोले- सुरक्षा कारणों से हुई…
गाजीपुर जिला कारावास से आईएस 191 गैंग के पूर्व मुखिया मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को आज सुबह 6:00 बजे कासगंज कारावास के लिए रवाना किया गया. पुलिस अधीक्षक चिकित्सक ईरज राजा ने कहा कि सुरक्षा कारणों से उमर अंसारी को कासगंज कारावास भेजा गया है. कारावास शिफ्टिंग की कार्यवाही को बहुत सीक्रेट रखा गया.

उमर अंसारी अपनी मां अफसा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर मुद्दे में कारावास में बंद है. इस मुद्दे में उनके वकील लियाकत अली के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई है. एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की न्यायालय ने कल वकील लियाकत अली की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी.
कोर्ट में पेश किए गए कागजातों में फर्जीवाड़े का इल्जाम है. उमर पर फरार चल रही मुख्तार की पत्नी आफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर बनाने का इल्जाम है. बीते गुरुवार को न्यायालय ने उमर अंसारी की जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी.
गैंगस्टर एक्ट में कारावास में बंद है
मामला मुख्तार अंसारी के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट मे दर्ज मुकदमे से जुड़ा हुआ है. जिसमें पुलिस द्वारा करीब 10 करोड रुपए की प्रॉपर्टी कुर्क की गई थी. जिसे छुड़ाने के लिए अपील दाखिल की गई थी. इस मुद्दे में आफसा अंसारी की तरफ से प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र संख्या 324/2025 दाखिल किया गया था. कोर्ट ने इस पर आख्या मांगी. जांच अधिकारी ने 11 जुलाई 2025 को संबंधित दस्तावेजों की जांच की.
जांच में पता चला कि याचिका के साथ लगे दस्तावेजों पर आफ्सा अंसारी के हस्ताक्षर संदिग्ध हैं. मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन की पार्टनरशिप डीड पर उपस्थित आफसा के हस्ताक्षर याचिका वाले दस्तावेजों से पूरी तरह अलग पाए गए. आफसा इस कंपनी में 60 फीसदी की पार्टनर हैं.
याचिकाकर्ता के वकील लियाकत अली ने याचिका में दावा किया था कि आफसा ने अपने बेटे उमर अंसारी के माध्यम से याचिका दाखिल की थी. मुद्दे की जांच के बाद थाना मुहम्मदाबाद, गाजीपुर में उमर अंसारी और वकील लियाकत के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने लखनऊ से बीते 3 अगस्त को उमर अंसारी को अरैस्ट कर कारावास भेज दिया था.

