उत्तर प्रदेश

मुख्तार के भाई अफजाल ने महाकुंभ को लेकर दिया यह विवादित बयान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है, लेकिन इसी दौरान सपा (सपा) के सांसद अफजाल अंसारी का विवादित बयान सामने आया है. उन्होंने कुंभ और उसमें स्नान करने की परंपरा का मजाक उड़ाते हुए अमर्यादित टिप्पणी की, जिससे सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाएँ आहत हुईं. गाजीपुर के शादियाबाद पुलिस स्टेशन में उनके विरुद्ध धार्मिक भावनाएँ भड़काने और अपमानजनक टिप्पणी करने के इल्जाम में केस दर्ज किया गया है. यह कम्पलेन गाजीपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष देव प्रकाश सिंह ने दर्ज कराई. 12 फरवरी की शाम को गाजीपुर के शादियाबाद चौराहे पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का जन्म उत्सव मनाया जा रहा था. इसमें मुख्य मेहमान के रूप में अफजाल अंसारी को बुलाया गया था.

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शिकायतकर्ता के अनुसार, इस दौरान अफजाल अंसारी ने बोला कि, “श्रद्धा के इस पर्व पर मान्यता है कि संगम तट पर नहाकर आदमी पवित्र हो जाएगा. पाप धुल जाएगा. यदि पाप धुल जाएगा तो मतलब आगे बैकुण्ठ जाने का रास्ता खुल जाएगा. जो आलम दिख रहा है, उससे लग रहा है कि नरक में तो कोई बचेगा ही नहीं. नरक में कोई बचेगा नहीं और उधर (बैकुण्ठ में) हाउसफुल हो जाएगा.” हालाँकि, यह पहला मौका नहीं है जब अफजाल अंसारी ने हिंदू आस्था पर चोट की हो. इससे पहले भी उन्होंने कुंभ मेले को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करते हुए श्रद्धालुओं को गंजेड़ी तक कह दिया था. उन्होंने बोला था कि, “अगर कुंभ मेले में एकाध मालगाड़ी गांजा भेजवा दिया जाए तो उसकी भी वहाँ खपत हो जाएगी.” इस बयान के बाद भी उनके विरुद्ध मुद्दा दर्ज किया गया था, लेकिन अफजाल अंसारी लगातार सनातन धर्म और हिंदू परंपराओं पर विवादित बयान देने से बाज नहीं आ रहे.

गाजीपुर पुलिस ने अफजाल अंसारी के विरुद्ध भारतीय इन्साफ संहिता (BNS) की धारा 299 और 253(2) के अनुसार केस दर्ज कर लिया है. पुलिस के अनुसार, इस मुद्दे की गहन जाँच की जाएगी और जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अब प्रश्न यह उठता है कि यदि किसी गैर-मुस्लिम सांसद या विधायक ने हज यात्रा को लेकर ऐसी टिप्पणी की होती, तो क्या अफजाल अंसारी और अन्य विपक्षी नेता इसे बर्दाश्त करते? अगर कोई कहता कि हज यात्रियों के लिए “मालगाड़ी भरकर चरस भेज दो, वहाँ खपत हो जाएगी” तो क्या इस बयान पर भी वही खामोशी रहती? यदि कोई गैर-मुस्लिम नेता हज यात्रियों को लेकर कहता कि “मक्का-मदीना जाने से क्या पाप धुल जाएंगे?” तो क्या इसे भी हल्के में लिया जाता?

यहाँ यह भी ध्यान देने वाली बात है कि अफजाल अंसारी वही आदमी हैं, जिनका भाई मुख्तार अंसारी एक कुख्यात गैंगस्टर था. मुख्तार अंसारी को मर्डर और आपराधिक मामलों में जीवन भर जेल की सजा मिली थी. जिस आदमी का परिवार गैंगस्टर और माफिया गतिविधियों में लिप्त रहा हो, वह अब सनातन धर्म और उसकी परंपराओं का मजाक उड़ा रहा है. आज जब कोई आदमी हिंदू त्योहारों या परंपराओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता है, तो उसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नाम दे दिया जाता है. लेकिन यदि यही बयान किसी दूसरे धर्म के विरुद्ध दिया जाए, तो तुरंत देशभर में हंगामा मच जाता है. अब देखना यह होगा कि क्या इस बार अफजाल अंसारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होती है, या फिर यह मुद्दा भी सियासी दबाव में ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

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