अयोध्या में मुस्लिम महिलाएं अब राष्ट्र निर्माण में ले रही सक्रिय रूप से भाग
अयोध्या, . राम नगरी अयोध्या के हृदयस्थल में एक मौन, लेकिन प्रभावशाली बदलाव हो रहा है. कभी घरेलू भूमिकाओं तक सीमित रहने वाली मुसलमान महिलाएं अब देश निर्माण में एक्टिव रूप से भाग ले रही हैं और आनें वाले स्वतंत्रता दिवस के लिए तिरंगे बना रही हैं. स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्त्रियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से गवर्नमेंट की पहल की बदौलत, ये महिलाएं स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले, प्रत्येक दिन हजारों राष्ट्रीय ध्वज सिल रही हैं.

ये महिलाएं स्वयं सहायता समूहों का हिस्सा हैं, जिन्हें योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी गवर्नमेंट और केंद्र गवर्नमेंट द्वारा प्रारम्भ की गई योजनाओं के अनुसार प्रशिक्षित और सहायता प्रदान की गई है. इस पहल ने न केवल रोजगार पैदा किया है, बल्कि स्त्रियों में स्वतंत्रता और गर्व की भावना भी जगाई है, जिनमें से कई अपने जीवन में पहली बार काम कर रही हैं. उन्होंने इसके लिए पीएम मोदी और सीएम आदित्यनाथ दोनों का आभार व्यक्त किया है.
झंडे बनाने में शामिल स्त्रियों में से एक ने आईएएनएस को बताया, “मैं सीएम योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देना चाहती हूं कि हमें झंडे बनाने का यह काम मिला है. हम इस काम से पैसे कमा पा रहे हैं.”
एक अन्य स्त्री ने कहा, “हमें पैसे और खर्चों के लिए मर्दों पर निर्भर रहना पड़ता था. अब हम अपना पैसा स्वयं कमा सकती हैं और उसे अपनी इच्छानुसार खर्च कर सकती हैं. हम इस झंडे बनाने के काम से कमाए गए अपने पैसों से अपनी आवश्यकता की चीजें खरीदती हैं.”
समूह का नेतृत्व करने वाली स्त्री ने बल देकर बोला कि यह अवसर क्षेत्र के कई लोगों के लिए पहली बार है. उन्होंने कहा, “इस गवर्नमेंट में हमें झंडा बनाने का काम दिया जा रहा है. पहले ऐसे अवसर मौजूद नहीं थे. हमने एक बड़ा ऑर्डर पूरा कर लिया है और अब हम दूसरे पर काम कर रहे हैं.”
इस पहल को व्यापक रूप से एक कामयाबी की कहानी के रूप में देखा जा रहा है कि कैसे लक्षित सरकारी योजनाएं समुदायों में असली परिवर्तन ला सकती हैं. अब हर झंडे में आजादी और आय का जिक्र है, ये महिलाएं न केवल एक राष्ट्रीय उत्सव में सहयोग दे रही हैं, बल्कि एक शांत क्रांति का भी अनुभव कर रही हैं.

