उत्तर प्रदेश

राष्ट्रीय महासचिव आजम खान को एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली बड़ी राहत

रामपुर . समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान को एमपी-एमएलए न्यायालय से बड़ी राहत मिली है. डूंगरपुर प्रकरण में न्यायालय ने आजम खान और अन्य को बरी कर दिया है. डूंगरपुर प्रकरण साल 2016 का है, जब प्रदेश में सपा की गवर्नमेंट थी और आजम खान कैबिनेट मंत्री थे. उन्होंने डूंगरपुर में पुलिस लाइन के पास गरीबों के लिए आसरा आवास बनवाया था. उन पर इल्जाम लगा कि इस दौरान कुछ लोगों के पहले से बने मकानों को सरकारी जमीन पर गैरकानूनी निर्माण बताकर तोड़ दिया गया था.Download 11zon 2024 07 31t204922. 283

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प्रदेश में बीजेपी की गवर्नमेंट बनने के बाद 2019 में गंज कोतवाली में केस दर्ज करवाया गया था. मुकदमे में इल्जाम लगाया गया था कि सपा की गवर्नमेंट में आजम खान के इशारे पर पुलिस और पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बस्ती में आसरा आवास बनाने के लिए घरों को जबरन खाली कराया. उनका सामान लूट लिया गया और मकानों पर बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कर दिया गया.

बता दें कि अभियोजन इल्जाम को साबित नहीं कर सका और सुबूतों के अभाव में स्पेशल एमपी/एमएलएल न्यायालय ने आजम खान और अन्य को बरी कर दिया. न्यायालय में सुनवाई के दौरान समाजवादी पार्टी नेता आजम खान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े.

अभियोजन पक्ष की वकील सीमा राणा ने कहा कि डूंगरपुर प्रकरण में न्यायालय का निर्णय आया. इसमें सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है. निर्णय की कॉपी अभी हमें नहीं मिली है, जैसे ही हमें निर्णय की कॉपी मिलेगी, इसका शोध किया जाएगा और अपील फाइल की जाएगी.

 

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