यूपी में वन विश्वविद्यालय के क्षेत्र को लेकर शुरू हुई नई पहल
गोरखपुर। यूपी के गोरखपुर में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव शोध के क्षेत्र में एक नयी पहल की जा रही है। प्रशासन ने यहां एक वन यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए 50 एकड़ जमीन की तलाश प्रारम्भ कर दी है। जिला वन अधिकारी विकास यादव और एसडीएम सह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मृणाली अविनाश जोशी ने भटहट क्षेत्र के दो गांवों में जमीन का निरीक्षण किया। यह कदम सीएम योगी आदित्यनाथ की उस घोषणा के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने जटायु संरक्षण केंद्र के उद्घाटन के दौरान गोरखपुर में वन यूनिवर्सिटी खोलने की बात कही थी।

गाेरखपुर में स्थापित होगा वन विश्वविद्यालय
वन यूनिवर्सिटी का उद्देश्य वन्यजीव, पर्यावरण और पारिस्थितिकी से जुड़े विषयों में विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा कोर्स प्रदान करना है। यह यूनिवर्सिटी ऐसे समय में स्थापित किया जा रहा है, जब पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर चुनौतियां सामने आ रही है। सीएम के निर्देश पर प्रशासन ने जमीन की तलाश तेज कर दी है और डीएम कृष्णा करुणेश ने यह जिम्मेदारी सदर तहसील को सौंपी है। इस संदर्भ में एसडीएम और डीएफओ ने भेलिमपुर और जंगल डुमरी नंबर दो गांव में जमीन का निरीक्षण किया। अभी अहमियत सरकारी जमीन पर दी जा रही है। एसडीएम सदर ने कहा कि कुछ स्थानों पर निरीक्षण पूरा हो चुका है और जल्द ही जमीन फाइनल कर दी जाएगी।
वन विश्ववद्यालय का अनूठा है शिक्षण मॉडल
गोरखपुर वन यूनिवर्सिटी का प्रमुख आकर्षण उसका अनूठा शिक्षण मॉडल होगा, जो कक्षा की पारंपरिक सीमाओं से परे है। विद्यार्थियों को जंगलों और वन्यजीवों के बीच रहकर असली अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इस यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अध्ययन का पूरा अवसर मिलेगा। इसके अनुसार यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को फील्ड इमर्सन प्रोग्राम के जरिए विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों और अभ्यारण्यों में भेजेगा, जहां वे वैज्ञानिकों और वन ऑफिसरों के साथ मिलकर अध्ययन करेंगे और वन्यजीव संरक्षण के जरूरी कार्यों में योगदान करेंगे।

