पीलीभीत में जख्मी बाघिन की नहीं मिली कोई सूचना, हरकत में आए अधिकारी
बीते शनिवार को पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की एक बाघिन का लंगड़ा कर चलते हुए वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो का संज्ञान लेते हुए उस घायल बाघिन के रेस्क्यू करने की कवायद प्रारम्भ की गई। लेकिन 5 वें दिन भी बाघिन का कोई सुराग नहीं लगा है। ऐसे में ऑफिसरों की ओर से नज़र का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के कई बाघ ऐसे हैं जो पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। इनमें से अधिकतर लगभग रोज़ाना ही सैलानियों को दीदार देते हैं। आए दिन इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते हैं। बीते शनिवार को पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के चूका बीच के नजदीक एक बाघिन को लंगड़ाते हुए देखा गया था।
रविवार से नहीं मिला बाघिन का सुराग
वहीं प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बाघिन की स्वास्थ्य सामान्य की अपेक्षा बहुत ख़राब नज़र आ रही थी। किसी पर्यटक द्वारा इस बाघिन का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया समेत ऑफिसरों के साथ साझा किया गया था। जिसका संज्ञान लेते हुए पीलीभीत टाइगर रिज़र्व प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन लॉन्च किया था। लेकिन रविवार के बाद से बाघिन की लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे में एक तरफ जहां टीम को कड़ी मशक़्क़त का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं वन्यजीव प्रेमियों के बीच किसी बड़ी अनहोनी होने की चर्चा हो रही है।
निगरानी का दायरा बढ़ाने के निर्देश
शुक्रवार को प्रोजेक्ट टाइगर के एडिशनल PCCF ललित वर्मा पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने भी रेस्क्यू टीम से तमाम जानकारियां जुटाई। जानकारी के अनुसार उन्होंने टाइगर रिज़र्व प्रशासन को नज़र का दायरा और ट्रैप कैमरा की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।पूरे मुद्दे पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के प्रभारी उपनिदेशक भरत कुमार डीके ने कहा कि टीमों द्वारा लगातार बाघिन की लोकेशन ट्रेस करने का कोशिश किए जा रहे हैं। वहीं ट्रैप कैमरे की फुटेज को भी चेक किया जा रहा है।

