नोएडा प्राधिकरण पहुंची CBI की टीम, साइट को बारीकी से किया नजरबंद
नोएडा में सबवेंशन स्कीम के अनुसार CBI ने 22 बिल्डर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की थी. इसमें 10 बिल्डर नोएडा प्राधिकरण से जुड़े है. बुधवार को CBI की टीम प्राधिकरण पहुंची. यहां 10 बिल्डर की कंस्ट्रक्शन से जुड़ी जानकारी ली गई. इनके कंस्ट्रक्शन स्टेटस आवंटन और

दोपहर करीब डेढ़ बजे के आसपास CBI की टीम सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचे. वे ग्रुप हाउसिंग विभाग गए वहां ऑफिसरों ने उन्होंने 10 बिल्डर जिसमें सुपरटेक के तीन साइट, लॉजिक्स समेत अन्य बिल्डरों के कंस्ट्रक्शन स्टेटस से संबंधित जानकारी जुटाई. इसे नोटिफाइड किया और स्थलीय निरीक्षण करने चले गए. बता दे उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार CBI सबवेंशन स्कीम के अनुसार किए गए घोटाले की जांच कर रही है.
हाल ही में CBI ने इस संबंध में दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद स्थानों पर रेड कंडक्ट की थी. तलाशी के दौरान विभिन्न डॉक्यूमेंट्स और कुछ डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए थे. जिसके बाद बुधवार को CBI की टीम नोएडा प्राधिकरण पहुंची.
बिल्डर 2014 में लाए थे सबवेंशन स्कीम नोएडा, ग्रेटर नोएडा में सबवेंशन स्कीम के अनुसार लाई गई ग्रुप हाउसिंग योजनाओं की आरंभ 2014 के आसपास हुई थी. योजना में गड़बड़ी के लिए कुछ बिल्डरों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों से लोन पास कराए. बैंकों ने बिना मूल्यांकन और निरीक्षण के धनराशि जारी कर दी. ऑफिसरों के अनुसार, बिल्डर और बैंक के बीच अघोषित समझौते के अनुसार बैंकों ने बिल्डरों को लोन की पूरी राशि दे दी.
शर्तों के अनुसार फ्लैट का कब्जा मिलने तक बिल्डर को ही ईएमआई का भुगतान करना था, लेकिन कुछ समय बाद बिल्डरों ने ईएमआई देनी बंद कर दी और खरीदारों को फ्लैट भी नहीं दिए. इससे खरीदारों पर ईएमआई का बोझ आ गया और बड़ी संख्या में खरीदार डिफॉल्टर हो गए. कुछ सालों बाद इन योजनाओं को लाने वाले अधिकतर बिल्डर दिवालिया हो गए.

