उत्तर प्रदेश

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में लिफ्टों के मामले में जारी है जंग, जानें किस पर पड़ेगा प्रभाव…

गौतमबुद्ध नगर की हाईराइज़ इमारतों में लिफ्ट खराबी की लगातार मिल रही शिकायतों और हादसों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है जिले में इस समय करीब 80 हजार से अधिक लिफ्टें संचालित हो रही हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 7702 लिफ्टों का ही अब तक पंजीकरण हुआ है अब प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यूपी लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम 2024 के अनुसार जिन लिफ्टों का नियमानुसार पंजीकरण नहीं कराया गया है, उनका संचालन तुरन्त असर से बंद कर दिया जाएगा इस निर्णय का मकसद ढिलाई पर लगाम लगाकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है

Images 9 6

WhatsApp Group Join Now

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख थी 31 मार्च गौतमबुद्ध नगर के डीएम मनीष कुमार की अध्यक्षता में बीते दिनों आरडब्ल्यूए और एओए प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इस विषय पर साफ निर्देश दिए गए डीएम ने बोला कि लिफ्ट कानून को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है सभी लिफ्ट मालिकों को अब नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना महत्वपूर्ण है डिप्टी डायरेक्टर विद्युत सुरक्षा ने कहा कि 31 मार्च 2025 तक रजिस्ट्रेशन कराने की लास्ट तारीख थी, लेकिन अब दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है

तीन गुना देकर करवाना होगा रजिस्ट्रेशनइस समय जुर्माने की दरें पहले 7 दिन 100 प्रतिदिन, 8–15 दिन 200 प्रतिदिन, 16–30 दिन 500 रोजाना थी लेकिन अब 30 दिन से अधिक समय बीत जाने के कारण 10,000 लेट पेमेंट के साथ रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है डीएम के मुताबिक अब जिन सोसायटियों ने पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तीन गुना शुल्क के साथ फौरन रजिस्ट्रेशन कराना होगा अन्यथा लिफ्ट का संचालन बंद करने की कार्रवाई की जाएगी

हर दूसरे दिन होती है लिफ्ट अटकने की घटनाडीएम ने सभी आरडब्ल्यूए और एओए प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अपने-अपने सोसायटी में अधिनियम की जानकारी साझा करें और लिफ्टों के नियमित रख-रखाव और जांच को अहमियत दें आपको बता दें कि जिले में हर दूसरे दिन कही न कहीं लिफ्ट अटकने और उसमें फंसने के मुद्दे सामने आते हैं इसके बाद भी लिफ्ट संचालकों को कोई परवाह नहीं है

Back to top button