उत्तर प्रदेश

अब रफ्तार पकड़ेगा शिक्षा और स्वास्थ्य का डबल इंजन, MMMUT में खुलेगा मेडिकल साइंसेज स्कूल

गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी (MMMUT) की वित्त समिति की 33वीं बैठक कुलपति प्रो जेपी सैनी की अध्यक्षता में हुई. बैठक में यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक विकास और अधोसंरचना विस्तार से जुड़े कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई.

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2026-27 से प्रारम्भ होगा विद्यालय ऑफ मेडिकल साइंसेज

बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विद्यालय ऑफ मेडिकल साइंसेज की स्थापना करने का फैसला लिया गया. इस विद्यालय के भीतर एमबीबीएस, बीडीएस, बीएससी नर्सिंग और बीबीए हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन जैसे पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जाएंगे.

विश्वविद्यालय ने शासन से जिला हॉस्पिटल को विवि से अटैच करने की अनुमति मांगी है ताकि चिकित्सा पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा सके. शासन ने इस प्रस्ताव पर कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था. बैठक में यह तय किया गया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन जरूरी जानकारी शासन को भेजेगा, जिससे स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ सके.

नेक्स्ट जनरेशन सेमीकंडक्टर सेंटर की स्थापना को स्वीकृति

वित्त समिति ने इलेक्ट्रीकल एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग में सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन नेक्स्ट जनरेशन सेमीकंडक्टर एंड नैनो डिवाइसेज की स्थापना के लिए 3.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए.

भौतिकी और रसायन विज्ञान विभाग के लिए एक्सआरडी मशीन खरीदने हेतु 1.40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई.

कंप्यूटर साइंस विभाग में तीन नयी हाई-टेक लैब बनेंगी

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में डेटाबेस एंड वेब डिजाइन लैब के लिए 27.26 लाख, बिग डेटा एंड आईओटी लैब के लिए 38.75 लाख और कंप्यूटर विजन लैब के लिए 49.61 लाख रुपये स्वीकृत किए गए. इन तीनों परियोजनाओं पर कुल लगभग 1.15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

छात्रावास और बैठक भवन के उन्नयन पर भी जोर

विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट बैठक भवन के उच्चीकरण के लिए 60 लाख रुपये स्वीकृत किए गए. सभी छात्रावासों के डाइनिंग रूम और कॉमन रूम को एसी युक्त बनाने के लिए 2.15 करोड़ रुपये और आठ छात्रावासों में मॉड्यूलर किचन लगाने के लिए 3.57 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई. सिविल इंजीनियरिंग विभाग की प्रयोगशालाओं के लिए 1.57 करोड़ और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की लैब्स के लिए 1.08 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए.

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