अब सुगम होगी वाहन परीक्षण की प्रक्रिया, यूपी में बनेंगे 4 नए ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन
उत्तर प्रदेश में गाड़ियों की फिटनेस जांच अब और पारदर्शी और कठोर होने जा रही है. गवर्नमेंट ने चार नए ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) को आखिरी पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी कर दिया है. इन स्टेशनों के जुड़ने के बाद पूरे प्रदेश में अब कुल चौदह एटीएस एक्टिव हो चुके
।
आइए जानते है कहां खुले नए एटीएस।।
छब्बीस अगस्त 2025 को चार नयी कंपनियों को स्वीकृति दी गई. इनमे –
• लखनऊ का एकेआरएस एटीएस प्राइवेट लिमिटेड
• आगरा का शार्प-एन-इंडिया और ट्रिपल ए टेक इंटीग्रेटर का संयुक्त केंद्र
• कानपुर नगर का एयर सेल्स कॉरपोरेशन
• मीरजापुर का ममता हाइजीन प्रॉडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.
इसके साथ ही अब तक फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, फतेहपुर, रामपुर समेत कई ज़िलों में एटीएस पहले से काम कर रहे हैं.
क्यों महत्वपूर्ण हैं ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन।।
अभी तक वाहनों की फिटनेस जांच अक्सर मानवीय निरीक्षण पर निर्भर रहती थी. इसमें गड़बड़ियों और करप्शन की शिकायतें आती रहती थीं.
• एटीएस पर फिटनेस जांच पूरी तरह स्वचालित होगी.
• कैमरे और सेंसर के ज़रिये गाड़ी का ब्रेक, धुआं, हेडलाइट, सस्पेंशन, ध्वनि और अन्य तकनीकी मानक जांचे जाएंगे.
• रिपोर्ट डिजिटल रूप से दर्ज होगी और तुरंत वाहन मालिक को मिलेगी.
इससे मानवीय त्रुटि और करप्शन की आसार लगभग समाप्त हो जाएगी और यह सुनिश्चित होगा कि सड़क पर सिर्फ़ वही वाहन दौड़ें जो वास्तव में फिट हैं.
आइए जानते है नियम और शर्तें क्या हैं।।
सरकार ने साफ कर दिया है कि हर एटीएस को तय मानकों का पालन करना होगा.
• सीमा: एक जिले में अधिकतम तीन एटीएस ही खोले जा सकते हैं.
• अनुमति: किसी कंपनी को पूरे प्रदेश में तीन से अधिक एटीएस की इजाज़त नहीं होगी.
• भूमि: कम से कम दो एकड़ जमीन और दो लेन जरूरी—एक हल्के वाहन और एक भारी वाहन के लिए.
• वित्तीय शर्तें: पचास हज़ार रुपये आवेदन शुल्क और पाँच लाख रुपये की बैंक गारंटी (वैधता दस वर्ष छह माह).
• तकनीकी शर्तें: स्टेशन सीसीटीवी से लैस होंगे और सभी जांच डेटा सीधे वाहन पोर्टल, एएफएमएस और ई-चालान सिस्टम से जुड़े रहेंगे.
वाहन मालिकों को क्या लाभ होगा
वाहन मालिकों को फिटनेस जांच में अब पुराने झंझटों से छुटकारा मिलेगा.
• औनलाइन बुकिंग और भुगतान: वाहन मालिक तय समय पर अपनी गाड़ी लेकर जाएंगे.
• तेज़ और भरोसेमंद जांच: मशीन से चेक होने के कारण जांच निष्पक्ष होगी.
• डिजिटल रिपोर्ट: जांच पूरी होते ही वाहन मालिक को औनलाइन रिपोर्ट मिल जाएगी.
कम समय और कम परेशानी: एक ही स्थान पर पूरी प्रक्रिया पूरी होगी.
इससे राज्य को भी लाभ होगा—क्योंकि गवर्नमेंट के पास फिटनेस से जुड़े परफेक्ट आंकड़े होंगे, जिनसे सड़क हादसों और प्रदूषण पर नज़र रखने में सरलता होगी.
परिवहन आयुक्त का बयान
उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त ने बोला कि,“ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ाना राज्य की सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम है. अब चौदह एटीएस काम कर रहे हैं. हर गाड़ी की जांच आधुनिक और मानकीकृत होगी, जिससे नागरिकों को सुविधा और गवर्नमेंट को भरोसेमंद आंकड़े मिलेंगे. हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश में हर वाहन की फिटनेस जांच समय पर और निष्पक्ष ढंग से हो, ताकि सड़कें सुरक्षित रहें.”

