संस हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में काम करने वाली नर्स की अस्पताल में हुई हत्या
संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में टेमा रहमत स्थित संस हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में काम करने वाली नर्स की हॉस्पिटल में मर्डर कर दी गई. उसके गले में तीन स्थान खरोंच के निशान मिले हैं. सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम में गले की तीन हड्डियां टूटी मिली हैं. नर्स की मर्डर का खुलासा पुलिस ने 24 घंटे के अंदर कर दिया है. जांच में पता चला कि हॉस्पिटल संचालक ने ही नर्स की गला घोंटकर मर्डर की थी.
पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर संचालक रामजी राव के विरुद्ध मर्डर का मुकदमा दर्ज कर लिया है. उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं सीएमओ के निर्देश पर टीम ने हॉस्पिटल सील कर दिया है.
पुलिस के मुताबिक, मृतका ममता चौधरी और हॉस्पिटल संचालक रामजी राव के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था. ममता के दूसरे पुरुष से बात करने लगने पर रामजी नाराज हो गया. उसने पहले भी ममता को समझाने की प्रयास की. लेकिन वह नहीं मानी.
घटना मंगलवार की है. खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के टेमा स्थित निजी संस हॉस्पिटल में नर्स ममता का मृतशरीर संदिग्ध हालत में मिला था. मृतका के गले पर खरोंच के निशान मिले थे. गले की हड्डियां भी टूटी हुई थीं.
मंगलवार सुबह 7 बजे रामजी ने हॉस्पिटल कर्मचारी के जरिए ममता की मां को टेलीफोन कर कहा कि उसकी तबीयत खराब है. उसकी मृत्यु हो गई है. परिजनों ने मौके पर पहुंचकर मर्डर का इल्जाम लगाते हुए हंगामा किया.
पुलिस अधिकारी सत्यजीत गुप्ता ने कहा कि आरोपी ने एक दिन पहले भी ममता की मर्डर की प्रयास की थी. दूसरे दिन मौका मिलते ही उसने गला घोंटकर मर्डर कर दी. जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ की है. पुलिस ने बलात्कार की संभावना से इनकार किया है.
हत्यारे प्रेमी का कबूलनामा
पुलिस की पूछताछ में अरैस्ट अभियुक्त रंजीत भारती उर्फ रामजी राय ने कहा कि उसके हॉस्पिटल पर ममता चौधरी रिसेप्शन पर काम करती थी. उससे मेरा प्रेम-प्रसंग था. कुछ दिनों से ममता हॉस्पिटल में काम करने वाले एक अन्य कर्मचारी अभिषेक से लगातार टेलीफोन पर बात करती थी. 7 अप्रैल को रात करीब 9:00 बजे मैं ममता को छत पर बुलाकर अभिषेक से बात न करने और मिलने के लिए इंकार किया. लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुई, तो मैं गुस्से में उस दिन उसको दो थप्पड़ मार दिया. उसके बाद एक रोगी आ जाने के कारण वहां से चला गया. लेकिन वह गुस्सा मेरा शांत नहीं हुआ.
अगले दिन सुबह करीब 7:00 बजे मैं मौका पाकर उसके कमरे में गया. उस समय लाइट भी कटी थी. सीसीटीवी भी बंद था. मैं ममता का गला दबाकर मर्डर कर दिया. उसे कमरे के दरवाजे को ऊपर हाथ अंदर डालकर सिटकनी बंद कर दिया. इसके बाद अपने कमरे में आकर सो गया.
वहीं कुछ देर बाद साजिया खातून और हॉस्पिटल के अनेक कर्मचारी द्वारा ममता के कमरे में सोए रहने की बात मुझे बताया, तो मैं जाकर ममता की मौत को सामान्य देने के लिए जल्द ही दरवाजे सिटकनी खुलवाकर ममता को उपचार के लिए बेड पर लेटाया. उसकी सूचना उसके घर वालों को दिया. वहीं मोबाइल लेकर मैं अपने बचने के लिए मौके से फरार हो गया.
एसपी सत्यजीत गुप्ता ने कहा कि महिला के मृतशरीर का पोस्टमॉर्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है. हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी को भी चेक किया गया. उसकी डीवीआर सुरक्षित रख ली गई है. संचालक के विरुद्ध मर्डर का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है. आरोपी हॉस्पिटल संचालक को हिरासत में लिया गया है.

