सैफई मेडिकल में सफलता पूर्वक हुआ ‘एक थाली, एक मुस्कान’ सेवा का आरंभ…
इटावा यूपी आयुर्विज्ञान यूनिवर्सिटी (यूपीयूएमएस), सैफई में शनिवार को इन्सानियत की मिसाल पेश करते हुए एक थाली, एक मुस्कान मुफ़्त भोजन सेवा का शुरुआत किया गया. इस सेवा का संचालन नित्य अन्नदान ट्रस्ट के तत्वावधान में किया जा रहा है. कार्यक्रम का शुरुआत यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो। डाक्टर अजय सिंह ने दीप प्रज्वलन कर किया.

कुलपति ने इस अवसर पर मौजूद यूनिवर्सिटी परिवार और आमजन को दिवाली की शुभकामनाएँ देते हुए बोला कि भोजन सिर्फ़ शरीर की जरूरत नहीं, बल्कि करुणा और इन्सानियत की पहचान है.
उन्होंने बोला कि यह सेवा उन रोगियों और उनके परिजनों के लिए आशा की किरण बनेगी जो मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने प्रियजनों की चिकित्सा के लिए समर्पित रहते हैं. स्वच्छ, पौष्टिक और स्नेहपूर्वक परोसा गया भोजन उनके लिए नयी ऊर्जा और सम्मान का माध्यम बनेगा.
प्रो। डाक्टर अजय सिंह ने बोला कि यूपीयूएमएस सिर्फ़ एक चिकित्सा यूनिवर्सिटी नहीं है, बल्कि यह संस्था चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक संवेदना और योगदान का भी प्रतीक है. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के दूरदर्शी दृष्टिकोण के भीतर चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और समाज सेवा को समान अहमियत दी जा रही है.
कुलपति ने कहा कि हाल के सालों में यूनिवर्सिटी द्वारा कई जनकल्याणकारी पहलें की गई हैं, जिनमें ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, रोगी सहायता काउंटर, आउटरीच क्लिनिक, और अब एक थाली, एक मुस्कान.जैसी मानवीय पहल शामिल हैं.
मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के। बी। अग्रवाल ने कहा कि कुलपति के मार्गदर्शन में प्रारम्भ की गई यह सेवा सामाजिक और मानवीय दृष्टि से अत्यंत प्रेरक कदम है. उन्होंने कहा कि गेट नंबर 1 के नजदीक रेन बसेरा के पास निर्मित भोजन कक्ष में प्रतिदिन दो समय भोजन परोसा जाएगा, दोपहर 12 से 1 बजे तथा शाम 6 से 7 बजे तक. इस प्रबंध से रोगियों के परिजनों को अब परिसर से बाहर भोजन की तलाश में नहीं भटकना पड़ेगा.
नित्य अन्नदान सेवा ट्रस्ट का संचालन यूनिवर्सिटी परिवार द्वारा किया जा रहा है. इसमें अध्यक्ष प्रो। डाक्टर रमाकांत, उपाध्यक्ष प्रो। डाक्टर आदेश कुमार, तथा समन्वयक चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर एस। पी। सिंह की अहम किरदार है.
यह पहल यूपीयूएमएस की मानवता-केंद्रित सोच को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सम्मानजनक सहायता और योगदान पहुंचाना है. एक थाली से कई मुस्कानें खिलाने का यह कोशिश न सिर्फ़ यूनिवर्सिटी परिवार की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है, बल्कि समाज में सहानुभूति, सहभागिता और सेवा की भावना को भी नयी दिशा देता है.

