मेरठ के इस पार्क में ट्रैफिक नियमों के लिए किया जाता है जागरूक
अक्सर पार्क बच्चों के खेलने, बड़े-बुजुर्गों के टहलने, खुली हवा लेने और एक दूसरे के साथ बैठकर वार्ता करने की स्थान होती है। लोग पार्कों में खुली हवा लेते हैं और सुबह-शाम टहलने और एक्सराइज का काम करते हैं। मेरठ में एक यूनिक पार्क है। यहां आने वाले लोग ट्रैफिक नियम सीख जाते हैं। मेरठ के घंटाघर स्थित डीएन इंटर कॉलेज में एक ऐसा आदर्श ट्रैफिक पार्क बनाया गया है, जहां युवाओं को ट्रैफिक से संबंधित विभिन्न प्रकार के नियम सिखाए जाते हैं।

हर तरह के संकेतक चिन्ह हैं मौजूद
मुख्य यातायात प्रशिक्षक सुनील शर्मा ने लोकल-18 से खास वार्ता करते हुए कहा कि डीएन इंटर कॉलेज में यह जो पार्क विकसित किया गया है। वह आदर्श ट्रैफिक पार्क है। यहां ट्रैफिक नियम से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी उपस्थित है। उन्होंने कहा कि इस पार्क में बस स्टैंड रेलवे क्रॉसिंग, नेशनल हाईवे, शहरी सड़कों सहित विभिन्न प्रकार के प्वाइंटों को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि घने कोहरे के समय किस ढंग से व्हाइट पट्टी और गति का ध्यान रखना चाहिए। उसके भी संकेतक यहां उपस्थित हैं। इसी के साथ ही यदि नेशनल हाईवे पर आप जा रहे हैं, तो गांव की तरफ और शहर के अंदर किस ढंग से आपको प्रवेश करना है, उसके लिए भी संकेत चिन्ह यहां बनाए गए हैं। इससे यहां आने वाले लोगों को ट्रैफिक नियमों की सभी जानकारी सरलता से यहां एक स्थान ही मिल जाती है।
समय-समय पर दिया जाता है प्रशिक्षण
सुनील शर्मा के मुताबिक रिक्शा चालक और अन्य वाहन चालकों को समय-समय पर इस पार्क में लाकर ट्रैफिक नियमों के बारे में जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि चौराहे पर लगे किस सिग्नल का क्या मतलब होता है, उस बारे में भी ट्रेनिंग दी जाती है। विभिन्न विद्यालयों के युवाओं को भी समय-समय पर लाकर इस पार्क में विजिट कराया जाता है, जिससे वह ट्रैफिक नियमों के बारे में जान पाएं।
वर्ष 2018 में बना था राष्ट्र का पहला पार्क
बताते चलें कि मिशिका एजुकेशन सोसाइटी के तत्वाधान में आदर्श ट्रैफिक पार्क साल 2018 में विकसित किया गया था। मेरठ के बाद मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में इस तरह के पार्क देखने को मिलेंगे। बोला यह जाता है कि साल 2018 में केवल मेरठ में ही यह पार्क बना था। उसके बाद अन्य स्थानों पर भी इस तरह के पार्क को विकसित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग ट्रैफिक नियमों के बारे में जानकारी हासिल कर सके और नियमों की अनदेखी से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

