Maharajganj: देवदह में प्राचीन संरचना मिलने के बाद से लोगों में जागी उत्सुकता
उत्तर प्रदेश का महराजगंज जिला नेपाल की सीमा से सटा हुआ है। यहां कई धार्मिक स्थल हैं जिनका अपना अलग इतिहास और मान्यता है। ऐसा ही एक जरूरी जगह है नौतनवा क्षेत्र में स्थित देवदह, जो बौद्ध धर्म के लोगों के लिए बहुत खास है। बनारसिया कला और आसपास के कई गांवों के बीच बसा देवदह बौद्ध अनुयायियों के लिए श्रद्धा का केंद्र है।

देवदह में हो रहा पुरातात्विक उत्खनन
देवदह में इस समय खुदाई का काम चल रहा है। राज्य की पुरातत्व विभाग की टीम ने यहां अपना कैंप बनाया हुआ है। कुछ वर्ष पहले भी यहां खुदाई हुई थी, जिसमें कई प्राचीन चीजें और इमारतों के अवशेष मिले थे। इनकी जानकारी के लिए यहां एक बोर्ड भी लगा है, जिस पर देवदह के इतिहास और मान्यताओं के बारे में कहा गया है। इस पूरे क्षेत्र को संरक्षित किया गया है और आम लोगों का आना-जाना यहां बंद है। हालांकि, अनुमति लेकर लोग यहां आ सकते हैं।
विकास के साथ क्षेत्रीय लोगों को मिलेगा रोजगार
निचलौल के राजेंद्र प्रसाद ताराचंद महाविद्यालय में इतिहास के प्रवक्ता ब्रजेश पांडे बताते हैं कि खुदाई में मिली चीजों से पता चलता है कि देवदह बौद्ध धर्म के लिए कितना जरूरी रहा होगा। उनका मानना है कि आने वाले समय में यह स्थान और भी जरूरी हो जाएगी और इससे ना सिर्फ़ क्षेत्रीय लोगों को बल्कि पूरे जिले को लाभ होगा। इससे नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र का विकास होगा।

