गोरखपुर में पशु तस्करों से गोवंशों को बचाने में नाकाम हैं लोग
गोरखपुर के शाहपुर थानाक्षेत्र में गुरुवार की रात पशु तस्करों ने फायरिंग कर दशहत फैलायी. गोवंश उठाने गए तस्करों को मोहल्ले के लोगों ने टोका तो उन्होंने पिस्टल निकाल ली और हवाई फायरिंग करने लगे. इसके बाद पत्थरबाजी भी की. इस घटना से क्षेत्र में काफी दहश

ठंड प्रारम्भ होने के साथ ही पशु तस्करों का आतंक भी बढ़ जाता है. स्मग्लर इतने दुस्साहसी होते हैं कि धावा करने से तनिक भी नहीं घबराते. शाहपुर थानाक्षेत्र में ये स्मग्लर अधिक एक्टिव रहते हैं. गुरुवार की रात लगभग 11 बजे शाहपुर काली मंदिर वाली गली में यह घटना हुई है. क्षेत्रीय लोगों का बोलना है कि वहां प्रशांत त्रिपाठी का नया मकान बना है. शुक्रवार को उसी उपलक्ष्य में उनके यहां रामायण का कार्यक्रम रखा गया है. परिवार के लोग रात में मकान की सफाई में जुटे थे. उसी मकान के आसपास पशु तस्करों ने फायरिंग की और गोवंश लेकर भाग गए. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी.
मोहल्ले के लोगों ने पूछा कहां ले जा रहे हो तो निकाल ली पिस्टल
पशु स्मग्लर रात में काली मंदिर गली में पहुंचे थे. पिकप से आए लगभग चार तस्करों ने वहां से गोवंश को उठाना प्रारम्भ कर दिया. प्रशांत त्रिपाठी के घरवालों ने पूछा कहां से आए हो तो उन्होंने स्वयं को लोकल बताया. लेकिन जब यह पूछा कि कहां ले जा रहे हो तो पिस्टल ली. तस्करों ने धमकी देते हुए बोला कि अंदर भाग जाओ. प्रशांत त्रिपाठी के घर की स्त्रियों ने उन्हें अंदर खींच लिया. उसके बाद हवाई फायरिंग और पत्थरबाजी करते हुए वे फरार हो गए.
मोहल्ले की गलियों में घूमते हैं तस्कर ठंड के समय पशु तस्करों की सक्रियता बढ़ जाती है. पिकप लेकर पशु स्मग्लर निकलते हैं. उनका लक्ष्य होता है किसी तरह से सड़कों पर घूम रहे गोवंश को उठाकर ले जाना. गोवंश दिखते ही स्मग्लर उन्हें पकड़कर गाड़ी पर लादते हैं. इस बीच यदि किसी ने उन्हें टोक दिया या वहां खड़े हो गए तो उसपर धावा कर देते हैं. ऊपर गाड़ी चढ़ाने से भी नहीं संकोच करते. शाहपुर क्षेत्र में स्मग्लर अधिक एक्टिव देखे जाते हैं. चरगांवा से करीमनगर को जोड़ने वाली सड़क पर भी उनकी सक्रियता रहती है. इस सड़क पर रात में अधिक गोवंश मिलते हैं.
पुलिस पर भी कर चुके हैं हमला
कुछ वर्ष पहले शाहपुर क्षेत्र में ही तस्करों ने चौकी इंचार्ज और पुलिस कर्मियों पर धावा कर दिया था. गली में सामने दिखे दरोगा की बाइक तोड़ दी थी. दरोगा ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई थी. गुलरिहा थाना के पास एक आदमी ने टोका तो उसकी गाड़ी तोड़ दी थी. बीच-बीच में पुलिस इस मुद्दे को लेकर अभियान चलाती है तो इस तरह की घटनाओं में कमी आती है. पशु स्मग्लिंग पूरी तरह से रुक नहीं रही है.
पुलिस की सक्रियता बढ़ी थी तो बोलेरो का करने लगे प्रयोग पुलिस ने जब अपनी सक्रियता बढ़ाई तो पशु स्मग्लर पिकप की स्थान बोलेरो का इस्तेमाल करने लगे. बोलेरो और अन्य बंद गाड़ी में ही गोवंश को लादकर भागने लगे. इधर फिर से वे पिकप के साा एक्टिव नजर आ रहे हैं.

