राकेश विश्वकर्मा हत्याकांड में पुलिस ने एक महिला सहित 10 आरोपियों को किया अरेस्ट
सुल्तानपुर (कादीपुर). जिले के कादीपुर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार रात एक पुरानी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया. मुड़ीलाडीह गांव में 25 वर्षीय राकेश विश्वकर्मा की गोली मारकर मर्डर कर दी गई. गोलीबारी इतनी निकट से की गई कि एक गोली उसके हाथ को चीरती हुई निकल गई, जबकि दूसरी गोली सीने में फंस गई. राकेश की मौके पर ही मृत्यु हो गई.

हत्या के पीछे जो कहानी सामने आई, वह चौंकाने वाली है. महज़ एक थप्पड़ की तिरस्कार ने इस हत्या को जन्म दिया. पुलिस ने इस मुद्दे में एक स्त्री सहित 10 आरोपियों को अरैस्ट कर कारावास भेज दिया है.
गैंग बनाम गैंग: सत्ता का सह, बदले की आग सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र में दो गैंग एक्टिव हैं—एक ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि बंटी सिंह का और दूसरा राम सागर यादव का. मृतक राकेश बंटी सिंह गैंग से जुड़ा था. राकेश पर पहले से चार आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और 2024 में अखंडनगर पुलिस ने उसे कारावास भेजा था.
जांच में सामने आया है कि कुछ दिन पहले राकेश ने राम सागर गैंग के सदस्य अंकित यादव को थप्पड़ मार दिया था. इसी का बदला लेने के लिए अंकित यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर राकेश की मर्डर कर दी.
गिरफ्तार आरोपियों की लिस्ट में कई ‘पुराने खिलाड़ी’ पुलिस ने जो 10 आरोपी पकड़े हैं, उनमें अम्बेडकर नगर के बेवाना से संदीप यादव, अंकित यादव और सनी यादव, दोस्तपुर से पप्पू यादव, रमाकांत और एक अन्य संदीप यादव शामिल हैं. इनके अतिरिक्त लक्ष्मण यादव, चंद्रिका देवी, अरविंद यादव और नान्हू यादव को भी कारावास भेजा गया है.
राजनीति भी शामिल: पंचायत चुनाव की पिच पर गैंगवार का मैच जानकारी के अनुसार, इस पूरी रंजिश के पीछे राजनीति भी बड़ी वजह बनी. राम सागर की पत्नी वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं और कारावास में रहते हुए राम सागर ने उन्हें चुनाव जितवाया था. वहीं बंटी सिंह और सागर यादव में आनें वाले पंचायत चुनाव को लेकर विवाद चल रहा था. इसी राजनीतिक खींचतान ने गैंगवार को और भड़काया.
पुलिस अलर्ट मोड में, बड़े विवाद की आशंका सीओ विनय गौतम ने कहा कि मुद्दे में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं. दोनों गुटों के बीच गैंगवार की संभावना को देखते हुए पुलिस हाई अलर्ट पर है.

