बहराइच में सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने 1 व्यक्ति के खिलाफ किया मामला दर्ज
bahraich violence: उत्तरप्रदेश के बहराइच (Bahraich) जिले के एक गांव में रविवार को हुई सांप्रदायिक अत्याचार (communal violence) के सिलसिले में पुलिस ने 1 आदमी के विरुद्ध मुद्दा दर्ज किया है तथा करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया है. इस अत्याचार में 1 आदमी की मृत्यु हो गई थी.
बहराइच की पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने रविवार रात कहा कि महसी तहसील के भीतर महाराजगंज क्षेत्र में तनाव था. जब एक जुलूस मुसलमान बहुल क्षेत्र से गुजर रहा था तभी दूसरे समुदाय के एक आदमी पर कथित तौर पर धावा किया गया जिससे उसकी मृत्यु हो गई. घटना के बाद पुलिस ने करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया है. अशांति प्रभावित सभी क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के कोशिश जारी हैं.
पर्याप्त पुलिस बल तैनात : उन्होंने बोला कि क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और अत्याचार प्रभावित इलाकों के सीसीटीवी फुटेज देख कर अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. शुक्ला ने बोला कि घटना के सिलसिले में सलमान नामक एक आदमी के विरुद्ध मुद्दा दर्ज किया गया है. कहा जाता है कि उसकी दुकान से कथित गोलीबारी हुई थी. संदिग्ध लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.
पुलिस के मुताबिक रविवार को एक गांव में जुलूस के दौरान संगीत बजाने को लेकर हुए सांप्रदायिक विवाद के दौरान गोली लगने से 22 वर्षीय एक पुरुष की मृत्यु हो गई. इस दौरान हुए पथराव और गोलीबारी में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए.
रामगोपाल मिश्रा की गोली लगने से मृत्यु : यह घटना उस समय हुई जब विसर्जन के लिए देवी दुर्गा की मूर्ति लेकर मंसूर गांव के महाराजगंज बाजार से एक जुलूस गुजर रहा था. जुलूस में शामिल रेहुआ मंसूर गांव के निवासी रामगोपाल मिश्रा (22) को गोली लग गई. मिश्रा के एक परिजन ने कहा कि उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया. फखरपुर कस्बे और कुछ अन्य स्थानों पर इसी तरह के प्रस्तावित जुलूस रद्द कर दिए गए.
उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अत्याचार की निंदा की और बोला कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. सीएम ने पर्याप्त व्यवस्था कर समय पर प्रतिमा विसर्जन कराने तथा धार्मिक संगठनों से संवाद करने के निर्देश प्रशासन को निर्देश दिए.

