कुशीनगर में आठ मुर्गों का किया गया पोस्टमार्टम, जो बना चर्चा का विषय
कुशीनगर के कप्तानगंज थानाक्षेत्र में एक बहुत दंग करने वाला मुद्दा सामने आया है। जिसमें घर मे पाले जा रहे मुर्गों की मृत्यु के बाद इनकी मर्डर करने की कम्पलेन हुई। जिसके बाद पुलिस ने पहले कप्तानगंज और फिर पड़रौना में आठ मुर्गों के पोस्टमार्टम करवाया जो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सितम्बर 17 की शाम को पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
मामला मथौली बाजार नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 आ है। जहां की रहने वाली इंद्रावती जायसवाल ने बीते रविवार शाम कप्तानगंज पुलिस को तहरीर देकर अपनी पड़ोसी शकीना खातून पर मुर्गों को जहर देने का इल्जाम लगाया। जिसमें पीड़िता ने कहा कि घर बने दरबा (मुर्गो के पालने का स्थान) में पड़ोस की रहने वाली शकीना ने मुर्गो को दाने में जहर मिलाकर दे दिया। जिससे उसके दो मुर्गों की मृत्यु हो गई। वहीं अन्य पड़ोसी सुन्नर शर्मा के एक मुर्गों को जहर देकर मार डाला है। जब स्त्री से कम्पलेन की गई तो गाली गलौज और झगडे पर उतारू हो गई। जिसके बाद पुलिस कम्पलेन कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। कम्पलेन के बाद जबतक पुलिस पहुंचती 5 और मुर्गों की मृत्यु हो चुकी थी।
मुर्गों का कराया गया पोस्टमार्टम
पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने सोमवार को आरोपित के खिलाफ केस धारा 429, 504, 506 के अनुसार मुद्दा दर्ज करते हुए मरे 8 मुर्गों का पोस्टमार्टम कराया। जिसमे पहले पशु अस्पताल कप्तानगंज ले जाया गया। जहां से पोस्टमार्टम के लिए पुलिस फिर जिला पशु अस्पताल लेकर पहुंची और पोस्टमार्टम कराया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी रवीन्द्र प्रसाद ने कहा कि 8 मुर्गों के पोस्टमार्टम पुलिस द्वारा कराए जाने की जनपद में यह पहली घटना हैं। हालांकि इनकी मृत्यु जहर से ही हुई, लेकिन विषरा के बाद ही साफ हो पाएगा।
शिकायत के मुताबिक केस दर्ज
कप्तानगंज के प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि कम्पलेन के मुताबिक केस दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर से मृत्यु आयी हैं, लेकिन विसरा सैंपल भेजा गया हैं। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मुद्दे की लगी धारा और उनमें सजा मुर्गो के हत्या मुद्दे में दर्ज एफआईआर की धाराओं में धारा 429 के अनुसार, जो भी कोई किसी पशु चाहे उसका कुछ भी मूल्य हो या पचास रुपए या उससे अधिक मूल्य के किसी भी अन्य जीवजन्तु का वध करने, विष देने पर लगता हैं, जिसमे आरोपी को एक अवधि के लिए कारावास, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है या आर्थिक सजा या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।
धारा 504 और 506 के भीतर यदि कोई भी आदमी किसी दूसरे आदमी को अपमानित करता है और आदमी के साथ गाली गलौज करता है धमकी देता है या फिर जान से मारने की, उसको आग से जलाने की, या उसकी किसी संपत्ति को नष्ट करने की कोई धमकी देता है, तो ऐसे आदमी पर हमारे भारतीय कानून की दंड संहिता की धारा 504 और 6 के भीतर सजा मिलती है। इस क्राइम को अपराध की श्रेणी में रखा जाता है इसीलिए क्रिमिनल आदमी को धारा 506 के भीतर 2 वर्ष तक की सजा और जुर्माना का प्रावधान रखा गया है।

