उत्तर प्रदेश

प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने एक बार फिर सीमा विस्तार की प्रक्रिया की शुरू

प्रयागराज में बढ़ती जनसंख्या और शहरी विस्तार को देखते हुए प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने एक बार फिर सीमा विस्तार की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है. इस बार करीब 200 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही संगम नगरी का नक्शा बदल जाएगा और पीडीए के अधिकार क्षेत्र में गांवों की संख्या 639 से बढ़कर 839 तक हो जाएगी.

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पीडीए के गठन के समय 541 गांव शामिल थे. बाद में 30 मई 2008 को 98 और गांव जोड़े गए, जिससे संख्या 639 तक पहुंच गई. अब नए प्रस्ताव में 200 अतिरिक्त गांव जोड़ने की कवायद की जा रही है. इसके लिए मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की ओर से 4 नवंबर 2024 को पीडीए को पत्र भेजा गया था. इसके बाद 26 दिसंबर 2024 को हस्ताक्षरित मानचित्र और ग्रामों की सूची तैयार कर शासन को भेजी गई.

किन तहसीलों के गांव होंगे शामिल?

सीमा विस्तार की इस कवायद में सदर, चायल, फूलपुर, करछना और सोरांव तहसील के गांव शामिल किए जाएंगे.

चायल तहसील – अभी 159 गांव हैं, प्रस्तावित सूची में निजामपुर, चकगिरिया, पंसारा सहित कई गांव जोड़े जाएंगे.

फूलपुर तहसील – फिलहाल 154 गांव हैं, इसमें 20 नए गांव शामिल होंगे.

करछना तहसील – अभी 133 गांव हैं, जिनमें तीन और गांव जुड़ेंगे.

सोरांव तहसील – वर्तमान में 193 गांव हैं, जिनमें 166 गांव और जोड़े जाएंगे.

सदर तहसील – हरीरामपुर, जनका, गोविंदपुर, लोकीपुर, इगुआ उर्फ काठगांव, चंद्रसेन, फुलवा, उजिहनी, आइमा तेवारा (आंशिक) जैसे गांव प्रस्तावित सूची में शामिल हैं.

निर्माण पर कठोरता और बढ़ेंगी सुविधाएं

पीडीए क्षेत्र में आने के बाद किसी भी तरह का निर्माण कार्य बिना अनुमति संभव नहीं होगा. प्राधिकरण का मानना है कि इससे गैरकानूनी निर्माण पर रोक लगेगी और शहरी सुविधाओं में भी विस्तार होगा.

पीडीए सचिव अजीत कुमार सिंहने बोला कि “200 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. परीक्षण शासन स्तर पर चल रहा है. स्वीकृति मिलते ही पीडीए का दायरा बढ़ जाएगा और शहरी विकास की रफ्तार और तेज होगी.

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